Satesh Dev Pandey
Action
आजादी के लिए
भारत देश के वीरों
उछाह भरा संघर्ष
अमृतोस्तव
अरण्य–पथ
और मुझे अपने हाथों लिखकर तुम्हें थी यह बात बतानी ! और मुझे अपने हाथों लिखकर तुम्हें थी यह बात बतानी !
मेरे इस साधारण हीरो की शहादत पर, मेरे इस साधारण हीरो की शहादत पर,
और मन का सुकून पाना है। जो हम पा ही जाएंगे। मगर मन को विचलित ना होने देंगे। और मन का सुकून पाना है। जो हम पा ही जाएंगे। मगर मन को विचलित ना होने देंगे...
जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि। हिम्मत हौसला है तेरा गहना। जिंदगी में गांठ तू बांध लेना कि। हिम्मत हौसला है तेरा गहना।
मेरी ज़िद्द है कोई न चखे ऐसा खारा सत्तू। मेरी ज़िद्द है कोई न चखे ऐसा खारा सत्तू।
इस देश की आन-बान-शान को हमेशा ऊँचा रखो, ओ मेरे प्यारे दोस्तों ...! इस देश की आन-बान-शान को हमेशा ऊँचा रखो, ओ मेरे प्यारे दोस्तों ...!
मत हो मगरूर अपने गुरूर में इतना एक दिन ये भी चकनाचूर होगा मत हो मगरूर अपने गुरूर में इतना एक दिन ये भी चकनाचूर होगा
जिसे हमें एक-दूसरे के साथ से, एक- दूसरे के सहयोग से स्थापित करना है, शांति का साम्राज् जिसे हमें एक-दूसरे के साथ से, एक- दूसरे के सहयोग से स्थापित करना है, शांति का...
हर वर्ष चाव से जन्मदिन मानते है आख़िर क्यों हर वर्ष जन्मदिन मानते हैं ? हर वर्ष चाव से जन्मदिन मानते है आख़िर क्यों हर वर्ष जन्मदिन मानते हैं ?
और करेंगे उस चित्रकार की कल्पना को साकार। यह कौन चित्रकार है यह कौन चित्रकार है। और करेंगे उस चित्रकार की कल्पना को साकार। यह कौन चित्रकार है यह कौन चित्रकार...
किसी फौजी की चिट्ठी होगी तो कौन उसकी विवाहिता के दिल को संभालेगा किसी फौजी की चिट्ठी होगी तो कौन उसकी विवाहिता के दिल को संभालेगा
सबकी यात्रा पृथक है.. सबकी यात्रा का उद्देश्य भिन्न है..! सबकी यात्रा पृथक है.. सबकी यात्रा का उद्देश्य भिन्न है..!
अपने भारत की महिमा अपार हो, सारी दुनिया में जय जयकार हो। अपने भारत की महिमा अपार हो, सारी दुनिया में जय जयकार हो।
अतः ऐसे लोगों की परवाह किये बिना अपने कर्तव्य पथ पर हमें अग्रसर रहना चाहिए..!! अतः ऐसे लोगों की परवाह किये बिना अपने कर्तव्य पथ पर हमें अग्रसर रहना चाहिए..!!
हंस कर गुजार जीने वाले। तो तेरी भी जिंदगी होगी गुलजार जीने वाले। हंस कर गुजार जीने वाले। तो तेरी भी जिंदगी होगी गुलजार जीने वाले।
"कितना गहरा रिश्ता था हमारा, क्यों ना उतनी गहराई तक उन खातों को छोड़ आऊं". "कितना गहरा रिश्ता था हमारा, क्यों ना उतनी गहराई तक उन खातों को छोड़ आऊं".
रूबरू ना मिले तो वीडियो कॉल पर मिलेंगे। मगर मिलेंगे जरूर मिलेंगे। रूबरू ना मिले तो वीडियो कॉल पर मिलेंगे। मगर मिलेंगे जरूर मिलेंगे।
यह दास्तान है मेरे जैसे एक आम आदमी की अधूरी डायरी की अधूरी कहानी। यह दास्तान है मेरे जैसे एक आम आदमी की अधूरी डायरी की अधूरी कहानी।
क्या कोई शब्दों के लेनदेन के बिना ही सब कुछ आंखों से ही नजर आ जाता है। क्या कोई शब्दों के लेनदेन के बिना ही सब कुछ आंखों से ही नजर आ जाता है।
क्या वो इसलिए कहते की अब मेरी हर वो जिद पूरा करने वाली मेरी माँ नहीं रही! क्या वो इसलिए कहते की अब मेरी हर वो जिद पूरा करने वाली मेरी माँ नहीं रही!