STORYMIRROR

Sakshi Sul

Tragedy

3  

Sakshi Sul

Tragedy

अल्फ़ाज़!

अल्फ़ाज़!

1 min
371

चेहरे पर मुस्कान,

आंखों में नमी होगी

बातोंं में आपके,

आवाज की कमी होगी


भूल तो जाओगे,

दिल मे यादें थमी होगी।

रोओगे बिल्कुल,


जब आपके पास

अल्फ़ाज़, और 

 हमारे पास सांसों

की कमी होगी। 

~Sakshi🤎


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy