Sakshi Sul
Tragedy
चेहरे पर मुस्कान,
आंखों में नमी होगी
बातोंं में आपके,
आवाज की कमी होगी
भूल तो जाओगे,
दिल मे यादें थमी होगी।
रोओगे बिल्कुल,
जब आपके पास
अल्फ़ाज़, और
हमारे पास सांसों
की कमी होगी।
~Sakshi🤎
क्या वो तुम थ...
याद!
बिता वक्त
याद :)
मोहब्ब्त!
अल्फ़ाज़!
चाय!🫖
और वह बेघर, चल पड़ा मीलों दूर, अपने घर को पैदल ही ! क्यों ? और वह बेघर, चल पड़ा मीलों दूर, अपने घर को पैदल ही ! क्यों ?
ऐ काले काले घन जो एक बूँद भी अब बरसे तुम खाने को दाने तरसेंगे हम ऐ काले काले घन जो एक बूँद भी अब बरसे तुम खाने को दाने तरसेंगे हम
रोज कुछ अच्छा सुनने को बेचैन हर शख्स रोज आती डरावनी खबर की क्या कहें यारो। रोज कुछ अच्छा सुनने को बेचैन हर शख्स रोज आती डरावनी खबर की क्या कहें यारो।
वही करेंगे जो मन में आएगा एक अकेला मोदी क्या क्या कर पाएगा। वही करेंगे जो मन में आएगा एक अकेला मोदी क्या क्या कर पाएगा।
कोई ना हो वहां मजबूर को शोहरत ना दीजिए। कोई ना हो वहां मजबूर को शोहरत ना दीजिए।
लौकी तोरई तक हुईं, औक्सीटोसिन युक्त। लगता है हो जायेगा, मनुज धरा से लुप्त॥ लौकी तोरई तक हुईं, औक्सीटोसिन युक्त। लगता है हो जायेगा, मनुज धरा से लुप्त॥
रुकी वो कलम, जो कि रुकती नहीं है जो हर दिन उजड़ते चमन देखता हूं। रुकी वो कलम, जो कि रुकती नहीं है जो हर दिन उजड़ते चमन देखता हूं।
इस कठिन हालत में क्यूँ न मिल जूल कर काम करे एक दूसरे की हिफाजत क्यूँ न खुद आवाम करे। इस कठिन हालत में क्यूँ न मिल जूल कर काम करे एक दूसरे की हिफाजत क्यूँ न खुद ...
बिकता है प्यार सस्ती दुकानों पर खरीदने को हर कोई तैयार है। बिकता है प्यार सस्ती दुकानों पर खरीदने को हर कोई तैयार है।
बहुत धीरे से रोना इन सिसकियों की आवाज़ अपने अंदर समेट लेना बहुत धीरे से रोना इन सिसकियों की आवाज़ अपने अंदर समेट लेना
हाँ, मैंने मौसमों को बदलते देखा है और हालातों को भी। हाँ, मैंने मौसमों को बदलते देखा है और हालातों को भी।
आबादी अनुरूप नहीं बनाया सलिए कोविड-19 ने कोहराम मचाया। आबादी अनुरूप नहीं बनाया सलिए कोविड-19 ने कोहराम मचाया।
तुम्हें तो इस क़दर बेरहम नहीं होना चाहिए। तुम्हें तो इस क़दर बेरहम नहीं होना चाहिए।
अब तो दिन के होश और रात की चैन उड़ाने लगा है। अब तो दिन के होश और रात की चैन उड़ाने लगा है।
अलख जगाती, आवाज़ उठाती अलहदा-सी ये लड़कियां कितनी प्यारी दिखती। अलख जगाती, आवाज़ उठाती अलहदा-सी ये लड़कियां कितनी प्यारी दिखती।
ये आज क्या हुआ ये पलायन पलट कैसे गया ये आज क्या हुआ ये पलायन पलट कैसे गया
अनुशासन ही महौषधि संयम संकल्प दिव्यौषधि अनुशासन ही महौषधि संयम संकल्प दिव्यौषधि
जब भूजल का स्तर तुम्हारे बस में न होगा झील की आवाज़ थम जाएंगी समुद्र का सहारा लेने जब भूजल का स्तर तुम्हारे बस में न होगा झील की आवाज़ थम जाएंगी समुद्र का ...
वो शोर का समुन्दर आज बेजुबाँ नज़र आता है, दौड़ते पहियों का ठहरना ये खामोश मंज़र वो शोर का समुन्दर आज बेजुबाँ नज़र आता है, दौड़ते पहियों का ठहरना ये खा...
रे !मानव तूने जो बोया , वही पाएगा। तू कहाँ और कब जाएगा। रे !मानव तूने जो बोया , वही पाएगा। तू कहाँ और कब जाएगा।