Dr. Anuradha Jain
Romance
फ़िजा में
गुलाबी -सी ठंडक
गर्मियों में
जब
महसूस होती है
किसी अनजानी
आहट से
तब
सांसे महफ़ूज
होती हैं
मन -तन में
बड़ी अजब
लड़ाई है ये
जनाब
बोली गई हर
बात से
घुंघरू बज -बज टूटते हैं
और कभी
भूख में भी
मन में लड्डू
फूटते हैं ।
कब तक
है आज जिंदगी
म।क
सुहानी
एक गूंज
बंद-बंद
आज
आओ बदले
शांति
ऐसा यदि हो जा...
इनकी दुआ हिम्मत बढ़ाती हैं ऐसी दोस्ती दिल छू जाती है। इनकी दुआ हिम्मत बढ़ाती हैं ऐसी दोस्ती दिल छू जाती है।
सदायें अपने दिल की मैं लिख के फिर मिटाती हूँ सदायें अपने दिल की मैं लिख के फिर मिटाती हूँ
नयनों की भाषा । तुम्हीं ने तराशा।। नयनों की भाषा । तुम्हीं ने तराशा।।
चलो सुकून इस बात से है के मेरी मुस्कन फिर मेरे पास लौट आयी। चलो सुकून इस बात से है के मेरी मुस्कन फिर मेरे पास लौट आयी।
ये दिल मेरा नादान है या जाने ये जज्बाती है मेरा समझ पाना इसे हो रहा बड़ा ही घाती है। ये दिल मेरा नादान है या जाने ये जज्बाती है मेरा समझ पाना इसे हो रहा बड़ा ही ...
नेकियों के साथ गुज़रे जितनी भी है जिंदगी। मौत से पहले सगीर मरने की तैयारी रहे। नेकियों के साथ गुज़रे जितनी भी है जिंदगी। मौत से पहले सगीर मरने की तैयारी रहे...
वो ख़फ़ा मुझसे है ये अलग बात है। ज़िन्दगी की ये लेकिन कडी रात है।। वो ख़फ़ा मुझसे है ये अलग बात है। ज़िन्दगी की ये लेकिन कडी रात है।।
हो मैंने प्यार किया दर्द सहा, जख्म लिया, आँसू पिया l हो मैंने प्यार किया दर्द सहा, जख्म लिया, आँसू पिया l
खुशियों के पल तेरे मैं बन जाऊं वक्त में साथ कभी तेरे थम जाऊं खुशियों के पल तेरे मैं बन जाऊं वक्त में साथ कभी तेरे थम जाऊं
जिंदगी को गुलजार कर रहा गरीब रस। जिंदगी को गुलजार कर रहा गरीब रस।
दिखने के लिए उसको किसी बहाने से उसके घर जाना है! दिखने के लिए उसको किसी बहाने से उसके घर जाना है!
अल्लाह रहम करे तुम पर, गर मुलाकात न होने पाए। अल्लाह रहम करे तुम पर, गर मुलाकात न होने पाए।
क गया हूँ मै, उस से कहना, है मन हल्का सा भारी बोझ। क गया हूँ मै, उस से कहना, है मन हल्का सा भारी बोझ।
रिश्ता अब यह गहरा हुआ है। नयनों में तुम बस गए हो।। रिश्ता अब यह गहरा हुआ है। नयनों में तुम बस गए हो।।
वर्तमान युग की उधेड़बुन में जी रही हूँ यादगार लम्हों संग। वर्तमान युग की उधेड़बुन में जी रही हूँ यादगार लम्हों संग।
आपका हसीन चेहरा सदा नजरों के सामने रहता है। आपका हसीन चेहरा सदा नजरों के सामने रहता है।
क्या हुआ प्यार की गहराई का पैमाइश ना कर पाई तो... क्या हुआ प्यार की गहराई का पैमाइश ना कर पाई तो...
सूनापन यहाँ भी है ,सूनापन वहाँ भी है। सूनापन यहाँ भी है ,सूनापन वहाँ भी है।
ये क्या वो बालपन का सच्चा मन मेरा तो स्वप्न हकीकत हो गया। ये क्या वो बालपन का सच्चा मन मेरा तो स्वप्न हकीकत हो गया।
तूफान तो कहीं न था सत्य तो नहीं तूफान आ चुका था तूफान तो कहीं न था सत्य तो नहीं तूफान आ चुका था