STORYMIRROR

Kamaldeep Kaur

Inspirational Others

3  

Kamaldeep Kaur

Inspirational Others

अजीब है दुनिया

अजीब है दुनिया

1 min
33

 बाहर से यारी भीतर तो मनमुटाव है।

इस दुनिया के चलन का अजीब रख रखाव है।

छोड़ जाए महफिल तो भूल जाते हैं लोग।

अपनों का अपनों पर ऐसा ही घाव है।

अनेकों तूफान सतह पर खामोश हैं।

समंदर में लगता बहुत गहरा तनाव है।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational