STORYMIRROR

Kamaldeep Kaur

Inspirational

3  

Kamaldeep Kaur

Inspirational

नए अरमान सजाते हैं ...

नए अरमान सजाते हैं ...

1 min
25

 रात की बाहों में,

नए अरमान सजाते हैं।

बहते हुए आंसुओं से,

नई इबारत को लिखते हैं।

दिए की रोशनी कम सी मगर,

उससे नए चिराग को जगाते हैं।

गमों के बदल गहरे से मगर,

उसमें चांद के उजियारे को ढूंढ लाते हैं।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational