STORYMIRROR

chander mohan

Romance

3  

chander mohan

Romance

ऐसी भी क्या नाराजगी

ऐसी भी क्या नाराजगी

1 min
639

ऐसी भी क्या नाराजगी जो बात भी नहीं करते

ऐसी भी क्या खता हुई जो माफ़ भी नहीं करते

चलो बात नहीं करते तो बात सुन तो लो

समझदार कहते हैं सभी रस्ते बंद नहीं करते

जो दरवाजे बंद करो तो झरोखा खुला रखो

मायूसी भरे अंधेरे कितने भी गहरे लगें 

उम्मीद की रोशनी को कभी रोका नहीं करते!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance