Ashish Dalal
Romance
वो कहते हैं अहसास मेरे बहक गए
बदनाम होकर गलियों में उनकी बिखर गए।
कोई हमसे पूछे दीवानगी हमारी
इसी कहकंशा में क्या से क्या हो गए।
खता बस इतनी सी हुई
लब्ज हमारें होठों तक पहुँच न सके।
जीने मरने की वजह थे वो कल
पलभर में ही बेवजह हो गए।
अहसास
अगर ठुकराना चाहती हो ठुकराओ खुशी से मुझे। अगर ठुकराना चाहती हो ठुकराओ खुशी से मुझे।
तन्हाई से भरा सफर अब हमसे कटता नहीं है। अपनो से मिला ज़ख्म कभी भी भरता नहीं है।। तन्हाई से भरा सफर अब हमसे कटता नहीं है। अपनो से मिला ज़ख्म कभी भी भरता नहीं है...
जिंदगी में भी कुछ कह रही होगी। जिंदगी में भी कुछ कह रही होगी।
वृत में नहीं होते कोई कोण चलते घूमते जिंदगी का वृत। वृत में नहीं होते कोई कोण चलते घूमते जिंदगी का वृत।
सपनों के बाजारों से जो यादों की सजती महफ़िल जो होता हैं दिल में ही कातिल सपनों के बाजारों से जो यादों की सजती महफ़िल जो होता हैं दिल में ही कातिल
सर्दियों के बाद का वादा था निभाओगी ना आखिरी बार मिलन की ख्वाहिश है आओगी ना. सर्दियों के बाद का वादा था निभाओगी ना आखिरी बार मिलन की ख्वाहिश है आओगी ना.
बेइंतिहा दर्द देकर - मेरे अश्कों से सवाल करते हो. बेइंतिहा दर्द देकर - मेरे अश्कों से सवाल करते हो.
दर्द को दिल में छुपा कर हंस रहे हैं हम सगी़र। अब ख़ुशी में और ग़म में जंग जारी रह गई। दर्द को दिल में छुपा कर हंस रहे हैं हम सगी़र। अब ख़ुशी में और ग़म में जंग जार...
लिखा है मैने तेरे लिए, अल्फाज़ मेरी तुम जान जाना.... लिखा है मैने तेरे लिए, अल्फाज़ मेरी तुम जान जाना....
आरजू सारी अधूरी की अधूरी रह गई। रात भर थे साथ लेकिन बात सारी रह गई । आरजू सारी अधूरी की अधूरी रह गई। रात भर थे साथ लेकिन बात सारी रह गई ।
तेरे इश्क़ में दिल कर बैठा है नादानियाँ बिखरी मेरे गुलशन में ये कैसी वीरानियाँ। तेरे इश्क़ में दिल कर बैठा है नादानियाँ बिखरी मेरे गुलशन में ये कैसी वीरानियाँ...
न जाने कब तुम्हारे हुस्न के दीदार होंगे। न जाने कब तुमसे मिलने के सिलसिले होंगे।। न जाने कब तुम्हारे हुस्न के दीदार होंगे। न जाने कब तुमसे मिलने के सिलसिले हों...
ये शिकयतों के लहजे भी अजीब हैं ,, जिनसे होती है ना वहीं दिल में रहते हैं। ये शिकयतों के लहजे भी अजीब हैं ,, जिनसे होती है ना वहीं दिल में रहते हैं।
मन बंजारा झूम-झूम जब पीर गीत गाता था। मन बंजारा झूम-झूम जब पीर गीत गाता था।
एक मुलाकात में बात ही बात में दिल मेरा चुरा लिया। एक मुलाकात में बात ही बात में दिल मेरा चुरा लिया।
जो शब्दों में अगर मैं बयां कर पाऊं चाहत कभी हर यादें वो तुमसे जुड़ी। जो शब्दों में अगर मैं बयां कर पाऊं चाहत कभी हर यादें वो तुमसे जुड़ी।
इंतजार की घड़ियाँ सरक रही हैं, नजरें ड्योढ़ी पर टिकी हुई हैं. इंतजार की घड़ियाँ सरक रही हैं, नजरें ड्योढ़ी पर टिकी हुई हैं.
जब जब सावन की बूंदे धरती पर बरसती है मैं शमा की तरह पिघलती हूँ और जलती हूँ। जब जब सावन की बूंदे धरती पर बरसती है मैं शमा की तरह पिघलती हूँ और जलती हूँ।
सुन मैडम भोली भाली सुन सुन मेरी ओ घरवाली। सुन मैडम भोली भाली सुन सुन मेरी ओ घरवाली।
विरह वेदना को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता हूं। जब भी प्रेम की बातें होतीं अबोल सा । विरह वेदना को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता हूं। जब भी प्रेम की बातें होतीं ...