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Ashish Dalal

Romance

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Ashish Dalal

Romance

अहसास

अहसास

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वो कहते हैं अहसास मेरे बहक गए

बदनाम होकर गलियों में उनकी बिखर गए।


कोई हमसे पूछे दीवानगी हमारी

इसी कहकंशा में क्या से क्या हो गए।


खता बस इतनी सी हुई

लब्ज हमारें होठों तक पहुँच न सके।


जीने मरने की वजह थे वो कल

पलभर में ही बेवजह हो गए।


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