अगर जिंदगी खूबसूरत होती तो
अगर जिंदगी खूबसूरत होती तो
अगर जिंदगी खूबसूरत होती तो,
पृथ्वी भी बहुत खूबसूरत होती।
स्वर्ग की भी यहां अनुभूति होती तो,
नर्क की भी कहां जरूरत होती।
प्यार ही प्यार पनपता जीवन में,
नफरत की कहां बिसात होती।
फूल से कोमल यहां स्वभाव होते,
कांटों की कहां जरूरत होती।
सब एक दूसरे की मदद भी करते,
दुश्मनी से न कोई हलाल होता।
एक दूसरे के प्रति सब समर्पित रहते,
गद्दारी का न कोई जाल होता।
बालक सा सबका भाव होता तो,
युद्ध की कभी भी घड़ी न आती।
अमन चैन और राम राज्य होता तो,
बेइंसाफी किसी के भाग्य न आती।
अत्याचार का भी भय न होता,
सुरक्षित देश की नारी होती।
जगह जगह पर तांडव न होता,
विपत्ति न ये कभी भारी होती।
अगर जिंदगी खूबसूरत होती तो,
मिटने की न ये मजबूरी होती।
स्वर्ग से सुंदर अपनी पृथ्वी होती तो,
जीवन में सुख की अनुभूति होती।
