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Bhavna Bhatt

Classics

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Bhavna Bhatt

Classics

आया रक्षाबंधन

आया रक्षाबंधन

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आया रक्षाबंधन देखो तो,

बचपनकी यादें ताजा हो गईं

अब तक की यादों की,

सारी बातों तरोताजा हो गई।


कितनी खुशी इस त्यौहार की,

रक्षा के पवित्र दिन की

एक सुकून मिलता है,

रक्षाबंधन पर्व पर।


भावना इस त्यौहार में,

कितने दिन का इंतजार है

साथ निभाने वाले,

भाई रुबरु मिलेगा।


वो बचपन की नादानियां,

वो लड़ाई झगडे

 आज फिर दिल में उमड़े है,

 इस लिए रक्षाबंधन पर्व पवित्र है।


हर बार इसी दिन को तरसते है,

अलग-अलग स्थानों पर भी

 इस त्यौहार को मनाने में,

अद्भुत आनंद मिलता है।


उम्र के साथ साथ ही,

सोच बदलती रहती है पर

रक्षाबंधन पर एकसाथ हो जाते हैं

 ए त्यौहार का जादू है।


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