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Bhavna Bhatt

Abstract

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Bhavna Bhatt

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आओ मनाए गणतंत्र दिवस

आओ मनाए गणतंत्र दिवस

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आओ मनाए गणतंत्र दिवस,

गुजरात की आन,बान, शान,

कश्मीर की सुन्दरता,

सिक्किम जैसी खनक,

भारत देश जैसा देश दुजा नहीं है.


पंजाबी जैसा खड़ताल,

बंगाली जैसी मीठी बोली,

केरल जैसी हरियाली,

दिल हमारा दिल्ली है,

ये देश भावना भरी धड़कन है.


महाराष्ट्र फ़ैशन की दोड हैं, 

गोवा नया जमाना दिखाता है,

देश कर्नाटक जैसा महकता है, 

हरियाणा जैसा बलशाली है,

भारत जैसा दुजा देश नहीं है 


उड़ीसा जैसी सादगी है,

एम.पी. जैसी खिलखिलाती है,

राजस्थानी जैसी सदाबहार है,

त्रिपुरा जैसी बलखलाती हैं,

भारत देश जैसा दुजा देश नहीं है.


झारखंड जैसे आभूषण है,

मेघालय जैसे बिंदिया है,

यू.पी जैसा सीना हैं,

हिमाचल जैसी शान है,

भारत देश महान है.


छत्तीसगढ़ जैसी आन हैं,

मिज़ोरम जैसी खनक हैं,

बिहार जैसी बहार है,

आसाम जैसा अद्भुत हैं,

भारत देश महान है.


नागालैंड,आन्ध्र,अरुणाचल जैसी 

देश की आन,बान,शान हैं,

भारत माता तुझे सलाम है,

उत्तरांचल जैसी उत्तरदाई हैं,

मेरा भारत देश महान है.


हिमालय जैसा अडग है,

गंगा जैसा पवित्र है,

भारत वासियों खुशकिस्मत हैं,

मां भारती कोटि कोटि नमन करते हैं,

जय हो। भारत माता की जय।

जय हिन्द... वंदेमातरम्...


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