आनंद से भरना हो तो अवश्य सुने पौराणिक कथायें
आनंद से भरना हो तो अवश्य सुने पौराणिक कथायें
इस पल का विवरण हो या
हो कोई पौराणिक कथा
सुन लिया
समझा कुछ भी नहीं
न ही उसे अपने जीवन में उतारा
एक दर्शक बने बैठे रहे
देखा कुछ भी नहीं
एक श्रोता बने मालूम पड़ रहा कि
जैसे कुछ सुन रहे पर
सुना कुछ भी नहीं तो
फिर फायदा क्या
एक कथावाचक बनने का और
कथाओं को सुनाने का
पूरी कथा न सुनते हों लोग पर
उसका कुछ भाग तो उनके
कानों में पड़ ही जाता है
अर्थ पूरा सही प्रकार से न भी
समझ पायें पर
आधा अधूरा कुछ तो समझ आता ही है
पौराणिक कथाओं का अपना एक
विशेष महत्व है
आज के समय में भी
युग बदलते हैं पर
इंसानी फितरत नहीं बदलती
कथायें कहीं न कहीं मनुष्य के
दिलो दिमाग पर
एक स्थाई छाप तो छोड़ती हैं
उसे अच्छा व बेहतर
महसूस करवाती हैं
उसको एक अलग ही दुनिया में
ले जाती हैं और
प्रकृति के कण कण से उसका
परिचय और जुड़ाव कराती हैं
कहीं न कहीं यह इंसानियत का
पाठ भी पढ़ाती हैं
दिल में प्रभु की छवि
स्थापित करती हैं और
व्यवहार में मनुष्य का एक सोया हुआ भाव
जगाती हैं
एक स्थान पर
इस समय में बैठे हैं तो
बहुत पीछे अतीत में ले
जाती है
भविष्य का दर्पण दिखाने की
ताकत भी यह रखती हैं
पौराणिक कथायें
मन में हो रही हो
बेचैनी
उथल पुथल
एक अजीब सी घबराहट
उसमें राहत का कार्य करती हैं
एक शीतल हवा के झोंके सी
एक ठंडे पानी की फुहार सी
एक अनकहे अहसास सी होती हैं
एक पीड़ादायक मन में
मरहम लगाकर उसे
असीम शांति की अनुभूति कराती हैं
भगवान श्रीराम को
भगवान श्री कृष्ण को
आंखें बंद करो तो
उनके साक्षात दर्शन
कराती हैं
आनंद से भरना हो तो
प्राचीन युग की
कहानियां
पौराणिक कथायें या
किस्से कहानियां कैसे भी
हों उन्हें
ध्यानपूर्वक
गौर से
पूर्ण मनोयोग से
अवश्य सुनना चाहिए।
