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वैशाली सिंह

Inspirational

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वैशाली सिंह

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आजादी

आजादी

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हुए वीर सपूत धरती पर भारत माँ का मान बढ़ाया 

गुलामी से  बंजर  धरती को सीचकर अपना रक्त चढाया।


अब देश मे आज़ादी की जो उनमुक्त पवन बहा करती है 

उन वीर के बलिदान की वो अमर कथा कहा करती है। 


माँ गंगा वीरों की माटी को खुद में समाहित करती है 

उनकी गौरव गाथा को वो गर्व से प्रवाहित करती है। 


वीर सपूत भगत सिंह भी फिरंगियों से लड़ गए थे 

आज़ादी की खातिर यूँ ही हँसते सूूूली पर चढ़ गए थे ।


अंग्रेजों से लोहा लिया लहुलुहान झांसी की रानी थी

उन सब वीरांगनाओं की भी तो यही कहानी थी। 


मराठा साम्राज्य की नींंव रखी स्वतंत्रता के परिचायक थे। 

स्वतंत्रता संग्राम के तो वीर शिवाजी महानायक थे।


आज़ादी के महासंग्राम में सुभाषचंद्र का नारा था। 

उनकी देशभक्ति की जय जय कार करता भारत सारा था। 


कुछ माँओ की गोद हुई सूनी कुछ स्त्रीयों का छूटा साया था 

उन माताओं बहिनों ने भी सर्वस्व बलिदान कर अपना  

कर्तव्य निभाया था। 


ओ आने वाली पीढ़ियों ये गुणगान तुम्हे ही करना है 

उनके वीर पथ पर चलकर उनका सम्मान तुम्हें ही करना है। 


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