"आजादी का पर्व"
"आजादी का पर्व"
आजादी का पर्व हमें,
इस तरह मनाना होगा,
मातृभूमि के इस कर्जे को
अब तो चुकाना होगा।
जिन वीरों ने जान गवाई,
भारत की आजादी को,
अपनी जान से ऊंचा समझा,
भारत देश की माटी को।
ऐसे वीरों के सपनों को,
साकार बनाना होगा,
मातृभूमि के इस कर्जे को,
अब तो चुकाना होगा।।
आजादी का पर्व---------
हिंदू मुस्लिम सिक्ख ईसाई,
हम सब भाई हैं,
भारत देश की ये माटी,
सबकी माई है।
हमें तोड़ने की कोशिश को,
नाकाम बनाना होगा,
मातृभूमि के इस कर्जे को,
अब तो चुकाना होगा।
आजादी का पर्व------------
एक स्वर में बोलेंगे,
कश्मीर हमारा है,
यह जान से प्यारा है,
अरे सर्वस्व हमारा है।
उसकी काली करतूतों को,
सबक सिखाना होगा,
मातृभूमि के इस कर्जे को,
अब तो चुकाना होगा।।
आजादी का पर्व हमें,
इस तरह मनाना होगा,
मातृभूमि के इस कर्जे को,
अब तो चुकाना होगा।।
।। वंदे मातरम् ।।
।। जय हिन्द ।।
