STORYMIRROR

Sarita Dikshit

Inspirational

3  

Sarita Dikshit

Inspirational

आदिदेव  शंकर  त्रिपुरारी

आदिदेव  शंकर  त्रिपुरारी

1 min
207

आदिदेव  शंकर  त्रिपुरारी

हमपर अब कर दो उपकार


द्वार पे तेरे आकर मेरा

जीवन हो जाए साकार -


कब से आस लगाए बैठा 

तेरे दर्शन को संसार,


स्वयं को खोकर तुझको पा लूं

मिट जाए मन का अंधियार,


तेरे चरणों में मिल जाए

मुझको खुशियों का अंबार,


तेरा नाम जपूं जब तक हूं

दूं जीवन को नव आकार।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational