Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
हमारे छोटे छोटे शहर
हमारे छोटे छोटे शहर
★★★★★

© Ankur Sethi

Abstract

1 Minutes   7.4K    13


Content Ranking

हमारे छोटे छोटे शहरों की भी यह खाश बात होती है, यहां हर इंसान  की जुबां से अपनेपन की बात होती है | हर गली , नुक्कड़ और चोराहों पर रहते है कुछ लोग, जिनसे हंसी मज़ाक, प्यार मोहब्बत, और दिल से जुडी हर बात होती है | खुशियो के मौकों पर महफ़िल सजाते हैं ये लोग, वक़्त बुरा आने पर सहारा भी बन जाते है ये लोग | हर दुःख दर्द जुदा हो जाता है हमसे, जब दुआ सलाम के साथ इनसे मुलाकात होती है, हमारे छोटे छोटे शहरों की भी यह खास बात होती है..! हर सुबह आँगन में खुशियो की किरणे बिखेरता है सूरज, हर ढलती शाम त्यौहारों सी नजर आती है, भाईचारे के साथ रहते हैं  हर धर्म के लोग यहां, राम राम दुआ सलाम के साथ जिनसे दिन की शुरूआत होती है, हमारे छोटे छोटे शहरों की यही तो खास बात होती है, यहां हर  इंसान  की जुबां से अपनेपन की बात होती है |

छोटे शहरो की कहानी

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..