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ज़िन्दगी बन गया सुलभ शौचालय
ज़िन्दगी बन गया सुलभ शौचालय
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© Susanta Nayak

Drama

1 Minutes   1.1K    6


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नौ बजे चलो कार्यालय

छह बजे वापस विचारालय

ज़िन्दगी बन गया सुलभ शौचालय

गृहणी एक चित्रालय

अलमारी उनका वस्त्रालय

शौक उनका प्रेक्षालय

पति का जेब मुद्रालय

पति के लिए घर विचारालय

पत्नि के लिए घर सचिवालय

कार्यालय आज निद्रालय

रास्ता और पार्क आज प्रेमालय

लड़कियों का मेल आज चर्चालय

गृहणी के लिए ज़हर है अश्रुआलय

बन्धुओं के लिए घर है विश्रामालय

है उत्कृष्ट हिन्दू भोजनालय

सचिवालय कार्यालय विश्रामालय

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