किसे बचाएँ
किसे बचाएँ
लुप्त होते सफ़ेद टाइगर
मयूर, बाघ, हिरन या नन्ही गौरैया को
पतित पावनी गंगा मैली या
बची खुची हरियाली को
पिघलती बर्फ बचाएं या रेत को तपने से
जिंदा भर रख सके,उस हवा को बचाएं
दिन दिन सूखती नदियों को या
सूखे से धरती को बचाएं
भ्रष्टाचार से तड़पती जनता को बचाएं
या नेता की जुबां से गंदी होती भाषा को
मंहगाई से होती बदनाम मुन्नी को
या जवान होने से शीला को बचाएं
मिलावट से संस्कृति को बचाएं
सोच को विकृति से
बहुत कुछ है बचाने को
किसे बचाएं आखिर? किसे बचाएं?
सब कुछ बच सके शायद
खतम होने से पहले
बचा सकें हम यदि
मरती दम, तोड़ती हुई
इंसानियत बेचारी को
