STORYMIRROR

Bharat Thacker

Abstract

3  

Bharat Thacker

Abstract

काव्यांजली

काव्यांजली

1 min
190

कमल था की कमाल था ?

कमल था की कमाल था ?

अपने मा-बाप का लाल था

पत्नी के प्यार की मिसाल था


परिवार के भाव से मालामाल था

दोस्तों मे धमाल था

दुख ; दर्द में ढाल था

लहराते पतंग की चाल था


होली का गुलाल था

नवरात्री की ताल था

सदगुणो से निहाल था

होनी का उसे ख्याल था


पड़ी जरूरत जिसकी उपर थी

पड़ी जरुरत जिसकी उपर भी

कमल ऐसा बे-मिसाल था

कमल था, कमाल था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract