सबला है नारी
सबला है नारी
अब सबला है नारी,
कैसी भी रही हो मजबूरी,
हो या कोई कमजोरी,
रीति रिवाज सब कोरी।।
नारी ने आकाश तक भरी उड़ान,
माँ की ममता व बेटी का सम्मान,
कहता है यह सारा जहान,
नारी रूप में माँ का दर्जा महान।।।
बच्चों को खूब पढ़ाए,
संस्कार भी वही सिखाए,
घर में मेहमान जब आए,
मॉं के हाथ की रोटियां ही भाए।।।
नारी की शक्ति अपरंपार है,
नमन उनको बारंबार है,
उनके बिना कैसा संसार है,
महानता ही नारी का श्रृंगार है।।
