Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
ज़िन्दगी क्या होती है !
ज़िन्दगी क्या होती है !
★★★★★

© Dinesh Gupta

Comedy

1 Minutes   13.6K    9


Content Ranking

सबकी राहों मे नहीं होती है चादर फूलों की
किसी की तक़दीर होती है डगर शुलों की
ज़िन्दगी क्या होती है जरा उनसे पुछो
जिनके घर रोज जंग होती है भूख और उसूलों की

सबको नहीं मिलता जीवन मे खुशियों का संसार
हालाँकि सबकी आँखों मे होता है सपनो का अंबार
ज़िन्दगी क्या होती है जरा उनसे पुछो
ज़हाँ हर रोज जाता है हौसला बेबसी से हार

सबके दिल मे होता है आसमाँ छुने का अरमान
पर कहीं हर घड़ी हर पल लुटता है आत्मसम्मान
क्या होती है घुटन जरा उस परिंदे से पुछो
कैद है जिसकी पिंजरे मे हर एक उड़ान

कहीं हर पल उठती और पूरी होती एक नयी फरमाइश
कहीं हर पल आँसुओं मे धुलती हर एक ख्वाइश
ज़िन्दगी क्या होती है जरा उनसे पुछो
जहाँ हर रोज होती है वजूद की आजमाइश

सुना था वक्त के साथ सब कुछ बदलता है
कहीं भी उगता हो सूरज, जिनके यहाँ रोज ढलता है
धरती के उस टुकड़े से पुछो क्या होती है जलन
जहाँ बादल हर रोज गरजता है मगर कभी नहीं बरसता है

 

ज़िन्दगी कविता

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..