sanjana Durgude

Romance


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sanjana Durgude

Romance


राधा - कृष्ण

राधा - कृष्ण

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मेघनाद

होतो कसा...

नटखट

कान्हा जसा...


मुरलीत 

सर्व सुर...

आठवांना

येई पुर...


दरवळे 

क्षणो क्षण...

आतुरता 

भेटी मन...


मोरपिस

मनो भावी...

वृंदावनी

राधा यावी...

 

भेटीसाठी

आस उरी...

घडवावी

भेट हरी...


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