STORYMIRROR

Shiv شیو

Abstract

2  

Shiv شیو

Abstract

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी

1 min
28

कितनी उम्मीदें थी तुझसे

ज़िंदगी

तूने हर बार रुलाया है

ज़िंदगी 

पर तु भूूल गयी 

ज़िन्दगी

मैं खुद से कई वादे कर रखें हैं

ज़िन्दगी

कोई बात नही 

जिंदगी

तूने हर बार गिर के जीना सिखाया है

ज़िन्दगी

गलत सही क्या हैै

तूने सिखाया है

ज़िन्दगी

पर फिर भी तूने रूलाया तो है ना

ज़िन्दगी!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi story from Shiv شیو

Similar hindi story from Abstract