तेरी बाहों का सुकून
तेरी बाहों का सुकून
छोटे से शहर की गलियों में जब भी आर्यन और रिया का आमना-सामना होता, तो हवा में तानों की सरसराहट तैरने लगती थी। आर्यन एक साधारण मिडिल क्लास फैमिली से था, जिसकी जेब में सपनों के सिवा कुछ नहीं था। इसके ठीक उलट, रिया एक बहुत ही रसूखदार और अमीर खानदान से ताल्लुक रखती थी, जिसके घर के बाहर हमेशा बड़ी गाड़ियों का पहरा रहता था। शहर भर में यह बात आग की तरह फैली हुई थी कि उस रसूखदार घराने की बेटी एक मिडिल क्लास लड़के पर अपना दिल हार बैठी है। रिया के घर वालों को भी इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी, और इसी बात पर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर रहता था। जब भी रिया अपने घर की दहलीज लांघकर बाहर निकलती, उसे अपनों की सख्त नजरों और ताने देने वाले रिश्तेदारों का सामना करना पड़ता। वहीं नुकीले तानों वाली बेंच पर बैठे लोग आर्यन की गरीबी का मज़ाक उड़ाते हुए अक्सर फुसफुसाते— *"अरे, उस रसूखदार घराने की शहज़ादी और यह मिडिल क्लास लड़का... इनकी औकात ही क्या है!"* दुनिया के लिए उनका यह प्यार सिर्फ एक तमाशा था, एक ऐसा जोक जो रोज दोहराया जाता। लेकिन उस हंसती और जलती हुई दुनिया से कोसों दूर, दोनों की अपनी एक अलग और पाक दुनिया थी। रात के सन्नाटे में, जब पूरा शहर गहरी नींद में सो जाता, तब दोनों उस पुराने खंडहरनुमा कुएं के पास मिलते। ऊपर आसमान में टिमटिमाते तारे और चाँद उनकी इस खामोश मोहब्बत के इकलौते गवाह बनते। एक रात जब दोनों ठंडी जमीन पर लेटे हुए थे, रिया ने अपना हाथ आर्यन के दुबले चेहरे के गाल पर फेरा। उसकी धँसी हुई गाल की हड्डियों को छूकर वो मुस्कुराई और प्यार से चिढ़ाते हुए बोली, "तू सच में दिन-ब-दिन मेरे प्यार में सूखता जा रहा है, आर्यन... हड्डियाँ गिन ले क्या तेरी?" तभी रिया का चेहरा थोड़ा गंभीर हो गया और उसने आँखें झुकाकर पूछा, "अच्छा सच बता, तू मुझसे कितना प्यार करता है?" आर्यन ने मुस्कुराकर आसमान की तरफ देखा और रिया की उंगलियों को अपनी हथेलियों में कसकर भींचते हुए धीरे से कहा, "वो जो आसमान में चाँद दिख रहा है ना... समझ ले वो तू है, रिया। और उसके इर्द-गिर्द जो अनगिनत तारे टिमटिमाते हैं, वो मैं हूँ... जो हर वक्त बस तेरी परवाह में जागते रहते हैं। और उस चाँद के अंदर जो दिल धड़कता है न, वो मेरा है।" यह सुनकर रिया की आँखें भर आईं। उसने बिना एक पल गंवाए अपनी दोनों बाहें आर्यन के गले में कसकर डाल दीं और अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया। आर्यन ने भी उसे अपनी बाँहों में ऐसे भींच लिया जैसे दुनिया की हर दीवार को तोड़ देना चाहता हो। लेकिन यह सुकून ज्यादा दिन टिक नहीं पाया। रसूखदार परिवार का दबाव और बंदिशें बढ़ने लगीं। अगली शाम, रिया हाँफते हुए और थर-थर काँपते हुए दौड़ी-दौड़ी आई। उसकी आँखों में बेबसी के आंसू थे। उसने आते ही आर्यन का कॉलर पकड़ा और भर्राई हुई आवाज में बोली— "आर्यन... मेरे घर पर मेरे लिए बहुत रईस रिश्ते आ रहे हैं! तू मुझे जल्दी से जल्दी अपना ले... नहीं तो किसी और की होने से पहले-पहले कोई दौलत और शोहरत वाला मुझे तेरे पास से छीनकर ले जाएगा!" यह सुनते ही आर्यन का दिल एक सेकंड के लिए रुक गया। चारों तरफ रसूख का घमंड और समाज का पहरा था। लेकिन उसने तुरंत रिया का हाथ कसकर पकड़ा और उसकी आँखों में आँखें डालकर अटूट विश्वास दिलाते हुए कहा— "यह मैं कभी होने ही नहीं दूंगा, रिया! तू टेंशन मत ले, जब तक मेरी सांस चल रही है, दुनिया की कोई ताकत तुझे मुझसे दूर नहीं कर सकती।" यह सुनते ही रिया की आँखों से मोतियों की तरह आंसू छलक कर गिरने लगे। उसने और ज्यादा कसकर आर्यन को गले लगा लिया, उसके गालों पर प्यार से एक मीठा सा किस किया, और सारा डर भुलाकर अपना सिर उसके कंधे पर रखकर वहीं गहरी नींद में सो गई। सुखविंदर, सच्ची मोहब्बत वही है जो हर दीवार और हर बंदिश को चीरकर अमर हो जाती है। दुनिया चाहे जितने मर्जी ताने मार ले, रसूख और दौलत के पहरे बिठा ले, लेकिन दो दिलों के बीच का यह सच्चा जुड़ाव उन्हें कभी जुदा नहीं कर सकता।

