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Mradul Kumar Kulshrestha

Abstract

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Mradul Kumar Kulshrestha

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स्वप्न एक अद्भुत अनुभूति

स्वप्न एक अद्भुत अनुभूति

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स्वप्न या सपना जीवन की एक ऐसीअद्भुत अनुभति है जिसके द्वारा हम उन लोगौ से मिल सकते हैं,उनसे बातचीत कर सकते हैं,उनके साथ कुछ पल बिता सकते हैं जो हमारे आसपास हैं या हमसे दूर हैं,यहाँ तक कि जो लोग अब इस संसार से हमेशा के लिए जा चुके हैं लेकिन फिर भी वे सपने आते हैं,

हमसे संवाद करते हैं,हमें प्यार दुलार देते हैं और कभी कभी हमे मार्ग दर्शन भी दे जाते हैं। 

मैंने कई बार अपने पिताजी को सपने में देखा है यद्यपि उन्हें इस संसार से गए हुए ४० वर्ष से अधिक हो चुके है फिर भी वे सपने में आते हैं,हम से बातें करते हैं और कभी कभी मार्ग दर्शन भी दे जाते हैं। 

कुछ समय पहिले मेरी स्वर्गवासी माँ (जिन्हें हम अम्माँ कह कर पुकार ते थे ) मेर सपने मैं आई और कहने लगी " मुन्ना दूध पी लो " (बचपन में मुझे मुन्ना कह कर पुकारा जाता था)

मेरी अम्मा ( माँ )रात को सोने से पहिले हम सब भाई बहिनौ को दूध पीने को देती थीं। बचपन में मुझे दूध अच्छा नहीं लगता था इस लिए मैं रात को जल्दी हो जाता था या सोने का दिखावा करता था। मैंने सपने मे अम्मा से कहा कि  मुझे नींद आ रही है। अम्मा कहने लगीं " दूध पी लो फिर सो जाना "

मैंने अम्मा के हाथ से दूध का गिलास लिया, दो /तीन घूँट ही  पिए होगे मेरी नींद कुल गई। नींद खुलने के बाद एक बहुत मधुर अनुभूति हुई। चाहे कुछ पल के लिए ही मेरी माँ मेरे पास थीं ठीक वैसे ही थीं जैसे उनके जीवन काल में हम उनके साथ थे। शायद सपना ही है जो हमें उन लोगों से मिला देता है जो हम से हमेशा के लिए विदा हो चुके हैं। हमरे जीवन कभी आ भी नहीं सकते हैं।


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