STORYMIRROR

PANKAJ SAHANI

Romance Tragedy

4  

PANKAJ SAHANI

Romance Tragedy

सपनो की बारात -PANKAJ SAHANI

सपनो की बारात -PANKAJ SAHANI

1 min
186



सब साथ ही सोये मगर मेरी रात अधूरी रह गई,

सब कह चुके थे हम तब भी बात अधूरी रह गई,

सारी तैयारी हमने की और दूल्हा कोई और बना,

मेरे सजाये सपनों की बारात अधूरी रह गई।।


वो हाथो पे मेहदी से अक्सर मेरा नाम लिखती थी,

आँखे खुलते ही सुबह सबसे पहले वो ही दिखती थी,

हजारो सपने लाखो वादे किये सर पे हाथ रख के,

वो पूरी हो गए और मेरी कायनात अधूरी रह गई।।

#Pankaj_Sahani


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Romance