Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Drsonia gupta

Romance


4  

Drsonia gupta

Romance


सच्चे प्रेम का बंधन

सच्चे प्रेम का बंधन

4 mins 210 4 mins 210

पिंकी एक सीधी साधी, भोली भाली और सुशील लड़की थी ! वह एक प्राइवेट टेलीकॉम कम्पनी में काम करती थी ! अजय भी उसी कम्पनी में काम करता था ! अजय पिंकी की मासूमियत से बहुत आकर्षित हुआ और मन ही मन वह पिंकी को चाहने लगा ! जबकि अजय को यह भी आभास था कि पिंकी शादी शुदा है, क्यूँकि वह गले में मंगलसूत्र पहने रखती थी और माथे पर बिंदिया लगा कर रखती थी ! पर कहते हैं न इश्क पर किसी का ज़ोर नहीं रहता ! अजय भी उसी प्रेम के बहाव में बहता जा रहा था ! बहुत बार उसने सोचा कि पिंकी को अपने दिल की बात बता दे, पर एक डर उसको हमेशा रोके रखता था ! पर अब अजय के सब्र का बाँध टूटने लगा था ! उसने ठान ली कि वो जल्दी ही पिंकी से अपने प्रेम का इज़हार कर डालेगा ! बस उसको एक मौके की तालाश थी ! और शायद भगवान ने उसकी सुन भी ली ! उनकी कम्पनी में इस बार होली पर एक विशेष आयोजन रखा गया, जिसमें सभी एम्पलॉईस को बुलाया जाएगा और कम्पनी के सभी लोग एक साथ होली का त्यौहार मनायेंगे ! अजय बहुत खुश था इस बार, उसने पूरी तैयारी कर ली थी पिंकी से बात करने की !

होली का दिन आ गया और सभी लोग इक्क्ठे हो गए ! पर पिंकी नज़र नहीं आ रही थी ! अजय ने किसी से पूछा तो पता लगा कि वो अपने केबिन में थी !अजय हाथों में रंग लिए पिंकी के केबिन में जाने लगा, जैसे ही वो दरवाज़े पर पहुँचा, पिंकी बाहर आ रही थी, दोनों आपस में टकरा गए और अजय के हाथों में से लाल रंग उड़कर पिंकी के कपड़ों में लग गया ! हल्के गुलाबी रंग के कपड़े सब लाल रंग में रंग गए ! पिंकी वो सब देखकर भावुक हो गयी ! उसने अजय को देखा, और अजय उसे देखता रहा ! इससे पहले कि अजय पिंकी से कुछ कह पाता, पिंकी वहाँ से भाग गयी ! और अजय बस देखता ही रहा ! तभी पीछे से आवाज़ आयी "अजय कोई फायदा नहीं, इस सबका, जो ख़्वाब तुम देख रहे हो, सब व्यर्थ है" ! अजय बोला , मैं जानता हूँ काजल, पिंकी शादी शुदा है, मेरा और उसका कोई मेल नहीं, पर क्या करूँ मैं खुद को रोक नहीं पा रहा ! काजल उन्हीं के साथ काम करती थी और पिंकी को अच्छे से जानती थी ! अजय की बात सुनकर वो हैरान हो गयी.... "क्या ? शादी शुदा"? अजय बोला, हाँ मैं रोज़ देखता हूँ उसका पति उसे छोड़ने और लेने आता है! काजल बोली "पति .... ?? वो उसका पति नहीं, भाई है, पिंकी एक विधवा है, कुछ महीनें पहले उसकी शादी हुई थी और उसका पति एक कार दुर्घटना में मर गया था ! पिंकी अपने भाई भाभी के साथ रहती है"! अजय बोला " पर वो मंगलसूत्र, बिंदिया??" काजल ने बताया वो सब एक दिखावा है, अजय , पिंकी को नौकरी की बहुत ज़रूरत थी, और यह पोस्ट सिर्फ शादी शुदा महिलाओं के लिए आरक्षित थी, इसलिए उसको यह सब दिखावा करना पड़ता है ! सुनकर अजय एक बार फिर से खुश हो गया और बोला "फिर तो अच्छा है, मैं पिंकी को एक नईं ज़िन्दगी दे सकता हूँ, मैं उसको अब सब बता दूंगा " ! काजल ने अजय की ओर देखा और बोली कि तब भी कोई फायदा नहीं, पिंकी की शादी उसके देवर से होने वाली है, उसके ससुराल के रीति रिवाज़ के मुताबिक, 'अजय पिंकी को भूल जाओ और अपना वक्त जाया न करो'! कहकर काजल चली गयी और अजय देखता रहा ! अगले कईं दिन तक अजय ऑफिस नहीं गया ! पर पिंकी की याद उसको ज्यादा दिन रोक न सकी !

कुछ दिन बाद अजय ऑफिस गया और उसने काजल से मदद माँगी कि पिंकी से बात करवाने में वो उसका साथ दे ! जब काजल नहीं मानी तो वो उसको अपने घर ले गया, जहां हर तरफ उसके कमरे में पिंकी की तस्वीरें थी, पिंकी के नाम लिखी डायरी और भी बहुत कुछ ! देखकर काजल हैरान हो गयी ! अजय बोलै मैं पिंकी से बहुत प्यार करता हूँ और उसको बहुत खुश रखुँगा ! बस मुझे उससे एक बार मिलवा दो ! काजल ने वादा किया कि वो पूरी कोशिश करेगी ! काजल पिंकी से मिली और उसको सब कुछ बताया ! पिंकी फूट फूट कर रोने लगी "मैं क्या करूँ काजल, मेरी मर्जी कहीं नहीं, न पहली शादी में थी, न अब, शायद किसी का सच्चा प्यार मेरी किस्मत में है ही नहीं"! काजल उसी समय पिंकी के घर गयी और उसके भाई भाभी से बात की ! काजल की बात सुनकर उन्होंने अपने दिल की सुनी और पिंकी पर फैसला छोड़ दिया ! पिंकी उनके गले लगकर रोने लगी ! वे पिंकी का फैसला समझ गए ! अगले ही दिन वे अजय के घरवालों से मिले और दोनों के विवाह की बात की ! अजय के घरवाले पिंकी की हकीकत जानते हुए भी उसको अपनाने को तैयार थे !

आज अजय और पिंकी की शादी को दो साल हो गए हैं, और उनका एक प्यारा सा बच्चा है ! पिंकी अजय को पाकर बहुत खुश है ! सच्चा प्रेम हमेशा जीतता है, चाहे कितनी भी बाधाएं आ जाएं !


Rate this content
Log in

More hindi story from Drsonia gupta

Similar hindi story from Romance