STORYMIRROR

misal

Romance Fantasy Thriller

4  

misal

Romance Fantasy Thriller

सात्विक मालिनी

सात्विक मालिनी

3 mins
398

मालिनी यु तो एक सीधी साधि प्यारी लड़की थी पर वो अपनी शक्तियो और पिछले जीवन से अनजान थी| 

 उस का जीवन साधारण चल रहा था पर वो कुछ असाधारण चीज़ों से अनजान थी। वो अनजान थी पर्दे के पीछे छुपे उस चेहरे जो उसे अपना दुश्मन मान बैठा था।

आखिर ऐसा क्या किया था मालिनी ने जो कोई उसे अपना दुश्मन माने? 

हर दिन की तरह आज भी मालिनी अपने क्लास के लिए निकल ही रही थी। बस थोड़ी दूरी पार कर वो रास्ते से जा ही रही थी के अचानक उसे किसी का धक्का लगा।

वो लड़का भी जल्दबाजी मैं ही था पर रास्ते पर उसकी कार खराब हो गई। गुस्से में मालिनी को क्या कुछ नहीं कहने लगा पर मालिनी बिना कुछ कहे वहा से चली गई आखिर जल्दी में थी।

अपनी क्लास में जाकर मालिनी किताब खोलकर पढ़ ही रही थी तभी एक लड़का दरवाजे से अंदर आया जिसे देख सब हैरान होंने लगे वो बेहद आकर्षक था उसका नाम सात्विक था और सबके बीच एक नया चहरा था।

सात्विक वही था जो आज सुबह ही मालिनी से टकराया था|

धीरें धीरें सब सात्विक के करीब आ गये थे लेकिन मालिनी और वो एक दूसरे को पसंद नहीं करते थे।

आखिर कब तक वो उसे दूर रहेगा? सात्विक मन ही मन जनता हैं कहानी को अंजाम तक पोहचाने के लिए उसका मालिनी के नजदीक जाना जरूरी हैं।

आखिर उसने तय किया के वो चाल चलेगा घर जाते ही वो अपने कमरे में गया और सोच ही रहा था के क्या करें? 

नज़र उठाते ही उसे काच की टूटी बोतल नज़र आयी उसे लेकर सात्विक ने अपने हाथ पर एक गहरा घाव बना लिया मानो उसे चोट लगी हो।

अगले दिन जब सात्विक अपने डेस्क पर बैठा था सब उसके हाथों में पट्टा देख स्तब्ध हो गये लेक्चर शुरू होते सब अपने नोट्स बनाने में व्यस्त हो गये वो लिखने की कोशिश करता रहता पर कभी किताब खसक जाती तो कभी पेन गीर जाता

उसे दर्द में तड़पता देख मालिनी को उसपे तरस आने लगा वो कैसी भी हो या किसी को कैसी भी लगे पर उसमे दया के भाव थे। बस इसी का तो फयदा लेना था सात्विक को जो वो ले रहा था। वो आकर उसके पास बैठे गई और कहने लगी लाओ में तुम्हारे नोट्स बना दूँगी तुम इसे सिर्फ मदद ही समझो जब मुझे ज़रूरत हो तुम इस एहसान को उतार देना।

सात्विक ख़ुश हो गया आखिर मालिनी उसके करीब आ ही गई

वो उसे अपनें बातों की जाल में फसाने लगा वो उस से अपने बर्ताव के लिये माफी मांगने लगा

अब सात्विक अपने घर पोहच चुका था अपने अंधेरे कमरे में जहाँ वो रोज़ गुस्से से एक तस्वीर को निहारता था 

आखिर किसकी थी ये तस्वीर ? क्यों सात्विक उसे इतना नाराज़ था ? 


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Romance