रंग जाऊ तेरे रंग मे
रंग जाऊ तेरे रंग मे
गौरी साह रूद्र बंसी गौरी एक मिडिल कलास फैमली से आती है गौरी की माँ मीणा साह गौरी के पापा रमेश साह एक उसका छोटा भाई राजा गौरी एक प्यारी सी होती है सबको प्यार करती है और रूद्र बहुत अमीर घर का है और अमेरिका से पढ़ाई करके आया है वो गरीब को देखते हो बहुत गुस्सा आता है ऐ गौरी और रूद्र की मुलाक़ात एक मंदिर मे होती के गौरी अपनी दोस्त के साथ पूजा कर के बाहर आती है और गरीब को कुछ न कुछ देती रहती है तब रूद्र बंसी आता है अपनी माँ सपना बंसी पापा कमलेश बंसी के साथ रूद्र के पापा बहुत है अच्छा है रूद्र की माँ और रूद्र पैसे को बहुत ज्यादा घमंड रूद्र जब मंदिर पर आता है तो उसकी चमकती गाड़ी को देख कर एक गरीब का लड़का गाड़ी मे हाथ लगा दिया तब रूद्र ने उस लड़का को धका मर कर गिरा दिया तब गौरी की नजर उस लड़का पर गया उसे उठाया और बोली दादा आप ठीक हो न कही चोट लगी तो नहीं तब गौरी रूद्र के पास जाती है और उसे पैसे बाले होने का बहुत घमंड है ऐ सब सुनती है तभी रूद्र की माँ और पापा मंदिर से पूजा कर के बाहर आते है और देखते है की रूद्र की माँ को बहुत गुस्सा आता है की मेरे बेटा को कोई क्या सुना रहा है और रूद्र के पापा को अच्छा लाग रहा है की कोई तो है जो ऐसे कंटोल कर सकता है और गौरी को पसंद का लेता है तभी गौरी की दोस्त काजल आती है और कहती है चल गौरी ऐ बारे लोग है इन से पन्गा मत ले गौरी और काजल चली जाती है रूद्र के पापा और उसकी माँ घर जाती है और गुस्सा से कमलेश को सुनती है देखा आप ने कैसे रूद्र को सुना रही थी उसकी ऐ हिम्मत कमलेश शांत करते हुऐ बोला सपना शांत होजाओ काजल बोलती है गौरी कॉलेज जल्दी चल देर हो रही है फिर गौरी और काजल कॉलेज के लिए निकलती है तभी इसी कॉलेज मे रूद्र भी आता है रूद्र गौरी को देख ता और अपने दोस्त को कहता है ऐ लड़की मेरे पीछे रहा तक आ गई है फिर काजल और गौरी दोनों कलास मे गई रूद्र भी उसी कलास मे गया तब रूद्र ने गौरी के पास गए और उसका मजाक बनाने लगा गौरी कुछ नहीं बोलो फिर कलास मे सर आ गए कलास मे सब शांत हो गया गौरी पड़ने मे बहुत हीं तेज थी सर उसकी तारीफ करते थे रूद्र को लगा इससे दोस्ती कर लेनी चाहिए रूद्र अपनी गलती मान कर सॉरी बोला और दोस्ती का हाथ बढ़ाया काजल बोली अरे यार मान जा कर ले दोस्ती एक हीं कलास मे है फिर क्या पन्गा गौरी काजल की बात मान ली और दोस्ती कर ली अब एक दूसरे से मिलने लगे दोनों को कब एक दूसरे से प्यार हो गया पता हीं नहीं चला एक दिन गौरी रूद्र के पास गई और बोली रूद्र तुझे कुछ कहना है रूद्र बोला अभी नहीं बाद मे बात करते है और रूद्र चला गया रूद्र और काजल न एक पालन बनाय था की साम मे पाटी करेंगे और गौरी को बताये की मे रंग गई हू उसके प्यार मे फिर साम मे पाटी मे गौरी को बुलाया और रूद्र ने हाथ मे एक गुलाब लिए गौरी के पास गया और बोला मे तुम से प्यार करता हू मे रंग गया हू तेरे रंग मे मुझे अपना लो गिरी भी है कर दी ❤️❤️❤️❤️❤️

