छोटी बहु
छोटी बहु
- हरियाणा मे साह नाम के फैमली रहते थे उसमे दो बेटा था जिसका नाम था बारे वाले का नाम है अशोक और छोटे का है नीबन दोनों का अपना -अपना बिजनेस था एक का है थाली पटल की बहुत बड़ा बिजनेस और छोटा का था मोबाईल का बहुत बड़ा शोरूम दोनों अपनी - अपनी काम को बहुत हीं सीरियस लेते है पर मिस्टर साह की पत्नी अमीर घर से थी उसका नाम है बिंदु? बिंदु बहुत हीं घमंडी थी वो सपने से कम पैसे बालो को कुछ भी सुना देती थी एक दिन मिस्टर साह अपनी गाड़ी से कही जा रहे थे अचानक उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया मिस्टर साह को ज्यादा चोट तो नही आई पर हॉस्पिटल जाना हीं परा जाब एक्सीडेंट हुआ कोई नही थी तभी एक लड़की आती है और देख ती और हेल्प के लिऐ आवाज लगाती है पर उस टाइम पर कोई नही पहुंच पाता है वो लड़की अकेले हीं गाड़ी से बाहर निकलती है तब तक आदमी आ जाते है फिर सब मिलकर हॉस्पिटल ले जाते है मिस्टर साह लड़की को देख कर मन हीं मन अपने बड़े बेटा अशोक के लिऐ पसंद कर लेता है लड़की बोलती है अंकल आप अपना नम्बर दीजिये मै आप के घर फोन कर दू वो लड़की मिस्टर साह के घर फोन करती है और बोलती है मै ममता बोल रही हू हॉस्पिटल से अंकल का एक्सीडेंट हो गया है पर अंकल ठीक है ज्यादा चोट नही है आप लोग आ जाइये इतना कह कर ममता फोन अंकल को दे कर कहती है अंकल अब मै चलती हू आप अपना ख्याल रखियेगा ममता चली जाती है बिंदु और पुरे परिबार आती बिंदु क्या आप देख कर गाड़ी नही चला सकते थे क्या इसने मे डॉक्टर आए और बोला आप के पति को कुछ हनी हुआ है हल्की सी चोटे है दो चार दिन मे सही हो जाएगा आप लोग इनको घर ले जा सकते है इतना कह कर डॉक्टर ने डिस्चार्ज कर दिया मिस्टर साह घर गाए जाते हो बोला मै एक लड़की देखा हू ममता नाम है अच्छी लड़की है मिस्टर साह ममता के बड़े मै पाता करबाता है फिर उसके घर रिश्ते लेकर जाता है बिंदु देकते हीं कहता है क्या इस घर मे अपने बेटा को सादी नही करनी है मिस्टर साह बिंदु मै आज जिन्दा हू तो सिफ इसी लड़की के वजह से मै इसलिए अपनी घर की बहु बनाना चाहता हू बिंदु के न चाहते हुऐ भी अशोक की सादी ममता से हो जाती है ममता मिडिल कलास की होती है इस लिए उसे हर रोज सांस की तसना सुननी परती थी अशोक काम मे इतना बीजी रहता था की ममता की बात की सीरियस नही लेता था ऐसे हीं दिन निकलता गया एक दिन मिस्टर साह के चोटे बेटा न लाभ मेरेज कर के घर आया और बिंदु के सामने खड़ा हो गया और बोला माँ मै सादी कर लिया हू लड़की का नाम है रिया बहुत हीं बड़े घर से है बिंदु नविन तो क्या उसे बाहर खड़ा कर रखा है उसे अंदर लेकर आजा बिंदु ममता ओ ममता क्या कर रही हो आरती की थाली लाओ बहु आई है ममता क्या फिर आरती की थाली लेकर जाती है बिंदु रिया और नवीन दोनों की आरती की नवीन और रिया दोनों अपने रूम मे चले गये सुबह हुऐ फिर बही कीच -कीच शुरू हो गई ममता चुप चाप सुन रही थी तभी रिया मम्मी जी आप क्या कर थी है दीदी पर क्या गुस्सा कर रही है बिंदु तो क्या करू इसकी आरती करू रिया ने सांस को कहाँ क्या मम्मी जी आप के नजर मे पैसे हीं सब कुछ है क्या आप पैसे के अलाबा पर को कुछ नही दिकता है तो आज से मै और नबीन अलग हो जाती हू क्या की मेरे पास बहुत पैसे है मै चाहती हू की मेरे सात मेरी दीदी भी रहे क्या नवीन क्या कह रहे हो नवीन तुम जो कहो रिया फिर सब अपने - अपने रूम मे चले गये ममता निकली रिया नवीन निकला मिस्टर साह बोला मुझे क्या छोड़ का जा रहे हो मे भी चलता हू फिर अशोक बोला मै ममता के बिना नही रह सकता हू मै भी जाउगा बिंदु सब के चेहरा देखती रह गई सब घर से निकल गए कुछ देर बाद आवाज आई रुको कोई कही नही जाएगा सब अपने है आजाओ बापस मै ममता को भी अपनी बहुत मानती हू फिर रिया बोली नवीन हम कमियब हो गये सब अंदर आए बिंदु रिया क्या बोल रही थी क्या कामयाब हो गया रिया मम्मी जी जाब नवीन अपनी सौ रूम पर आते थे सपनी भाबी की सारे बाते बताते थे और भयाभी पर आप को कुछ नही कहते थे इसलिए हम सादी किये और मै नवीन भईया पापा सब मिलकर ऐ किये ताकि स्पेशल को समझ आ जाय की पैसे हीं सब कुछ नही है जाब फैमली हीं ना रहे तो अमीरी किस काम की अमीरी तो अपनों से होती है मम्मी जी बिंदु को भी समझ आ गया और ममता को अपना लिए

