दुल्हन
दुल्हन
एक सीता पुर गांव था उस गांव मे एक ठाकुर परिवार रहते थे इस परिवार मे कुल छ लोग थे एक जो थे रामदेव और उनकी दो बेटियां और एक बेटा और एक उनकी बीबी और माँ बस इतना हीं परिवार थे की दोनों बेटी की नाम बड़ी की बबिता और छोटी का सबिता और बेटा का नाम था सोमू और बीबी का नाम थी सपना सब बहुत हीं खुश रहते ते बबिता और सबिता दोनों एक हीं कॉलेज मे पढ़ती थी पर दोनों के कलास अलग - अलग था उसी कॉलेज मे एक राज नाम की लड़का भी पढता था और ऐ बबिता को पसंद भी करता था पर बोलता नही था और बबिता भी राज को पसंद करती थी पर बोलती नही थी दोनों अपनी - अपनी पढ़ाई पर है फोक्स करती एक दिन बबिता के गांव मे एक लड़की की सादी थी उसी मे राज की पूरी फैमली आए थे राज के पिता किनका नाम था सुनील और राज की माँ जिनका नाम थी रजनी और बहन का नाम थी सोहनी और भी थे भाई और भाभी और दो भतीजा भी ऐ बुआ जो अपनी ससुराल नही जाती और एही रहती थी सब आए थे सादी मे तो सुनील ने अपनी रिस्तेदार से बात शेयर किए की एक लड़की मुझे भी मिलता तो मै अपने छोटे बेटा राज का भी सादी कर देता इतने मे एक बोला है है ना एक लड़की भुत हीं सुशील और सुन्दर भी आप को कल मिलबाता हू फिर कल हो कर बबिता के घर पर आए और नमस्ते बोले और बोले भैया जी ऐ अपनी बबिता को देखने आए है मुझे ऐ परिवार बहुत हीं अच्छे लगते है इस लिए मै इनको लाया हू ऐ सब इनके पुरे परिवार है आप सब से मिल लीजिए फिर रामदेव बोले आप पहले बताए नही मै कोई तैयारी नही किया हू इतने मे सुनील बोले मै लड़की देखने आया आप मुझे लड़की दिखेए फिर अपने आप सब तैयारी हो जाएगी रामदेव ने अपनी बीबी सपना से बोलते है की तुम चाय बनाओ और सबिता को बोलो को बबिता को रेडी करके लेकर आए ऐसा हीं हुआ और इधर लड़की पसंद आ गई बबिता ने अपनी नजर उठाकर देखती है की राज है और राज अपनी नजर उठाता है तो देखता है की बबिता है सब दोनों से पूछते है की पसंद है न दोनों शर्मा जाती है और हाँ मै जवाब देती है फिर रिश्ता पक्का हो जाता है फिर सादी की दिन भी आ जाता है और बारात को आने की तैयारी हो रही थी उसमे बिजली का काम हो रही थी बबिता कोई काम से ऊपर गई हुए थी उसे नही पता की ऊपर बिजली की काम हो रहा है बबिता ने अपनी पैर उस तार पर रख दी और बबिता को करेंट लाग गई और उसी समय मौत हो गई सादी के घर मे मातम की मोहल हो गई फिर रामदेव ने सुनील को फोन किया और सारी बात बताए सुनील ने रामदेव को समझाते हुए बोले पहले आप सादी की तैयरी करो फिर हम कुछ करते है रामदेव ने बोला आप किस्से सादी करने की बात कर रहे है सुनील बोला मै सबिता की बात कर रही हू आप उसे रेडी करो बाकि मै सभलता हू सुनील ने बोला आप एक बात की धियान मे रखियेगा की सबिता का घुंघट नही हटना चाहिए

