पहली कमाई।
पहली कमाई।
प्राइवेट नौकरी छोड़कर ससुराल जाना हुआ। सदा पढ़ाई और सरकारी नौकरी की तैयारियो में व्यस्त रहने के कारण मुझे घर के काम करने का इतना अनुभव नहीं था। तभी सरकारी नौकरी में नियुक्ति होने पर सासुमां ने नौकरी पर जाने की अनुमति दे दी। अपनी पहली कमाई जब मैंने उनके हाथों में रखी तो उन्होंने सारे पैसे मुझे वापस लौटाते हुए कहा जेडइन्हें तू ही रखा कर । इन पैसों के लिए तू कितनी मेहनत करती है । इन पैसों से अपने लिए बेटे(मेरे पति) को बोलकर थोड़े से मेवे मंगवा लेना ।मैं तेरे लिए लड्डू बना दूंगी ताकि तेरे में कुछ ताकत आए।" ऐसा कह कर मुस्कुराते हुए उन्होंने ढेर सारा आशीर्वाद दिया।
