nisha gautam

Abstract


3.0  

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नव्या

नव्या

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नव्या एक लड़के को किस करने जा ही रही थी कि उसकी मां ने उसे जगाया-"उठो नव्या कितनी देर तक होगी? 8:00 बज गए हैं।"

नव्या कहती है-"मां क्या है? कितना अच्छा सपना देख रही थी, उठा दिया।"

मां उस की तरफ देखते हुए कहती हैं-"फिर वही सपना देखा होगा! अपने राजकुमार के साथ।"

नव्या मुस्कुराते हुए कहती है- "हां! और हम दोनों बहुत खुश थे"

"अच्छी बात है,सपने में ही नहीं जिंदगी भर खुश रहो। लेकिन पहले तैयार हो जाओ याद नहीं आज क्या है?" मां उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहती हैं।

नव्या चौक कर कहती है-अरे! मैं तो भूल ही गई थी।"और उठ कर नहाने चली जाती है।

नव्या एक मिडिल क्लास परिवार की इकलौती बेटी है और फैशन डिजाइनिंग करने के बाद अपना एक बुटीक खोलना चाहती है। उसे सजना संवरना बहुत पसंद है और हमेशा अपने राजकुमार के सपने देखती है और आगे की जिंदगी के सपने संजोती है।

आज लड़के वाले नव्या को देखने आने वाले हैं।

नव्या तैयार होती है। लड़के वाले आते हैं। नव्या चाय की ट्रे लाती है और सब को नमस्ते कहती है। नव्या की नजर राहुल पर जाती है जो उसे पहली नजर में भा जाता है। घरवालों की बातचीत के बाद उन्हें अकेले बात करने के लिए भेजा जाता है। दोनों एक दूसरे की पढ़ाई और काम के बारे में पूछते हैं।दोनों बात करके वापस आते हैं तो राहुल और नव्या की मंजूरी से रिश्ता पक्का हो जाता है। लेकिन नव्या के पापा कहते हैं-"नव्या अभी पढ़ रही है, 6 महीने के बाद उसकी परीक्षा समाप्त होने के बाद ही शादी करेंगे।"

नव्या की परीक्षा खत्म होने के बाद शादी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। नव्या बहुत खुश होती है और अपनी आगे की जिंदगी के बारे में सोचती है।

देखते-देखते शादी हो जाती है।राहुल के घर वाले नव्या का स्वागत करते हैं। नव्या को राहुल के कमरे में बैठा दिया जाता है।वो राहुल का इंतजार करते-करते सो जाती है। अचानक उसे किसी के अंदर आने की आवाज आती है तो वह उठ जाती है और देखती है सामने राहुल है। वो सीधे हो कर बैठ जाती है। राहुल आता है और बिना कुछ कहे सो जाता है। नव्या सोचती शायद शादी की रस्मों से थक गया होगा और वह भी सो जाती है। नव्या सुबह उठती है और बाकी की रस्में पूरी करने के बाद राहुल से बात करने की कोशिश करती है। उसकी बात नहीं हो पाती।वह सोचती है कि रात में बात करेगी लेकिन राहुल फिर बिना बात किए ही सो जाता है।

कुछ दिन बीत जाते हैं लेकिन और राहुल के बीच सही से बात नहीं हो पाती उसे कुछ अजीब लगता है और ठान लेती है कि आज राहुल से बात करके रहेगी। शाम को राहुल आता है और नव्या को अनदेखा कर जाने लगता है लेकिन नव्या जबरदस्ती करके बात करती है और कहती है-"तुम मुझे अनदेखा क्यों कर रहे हो? क्या तुम्हें मैं पसंद नहीं?" राहुल चुप रहता है लेकिन नव्या के बार-बार पूछने पर कहता है- "हां! नहीं पसंद हो तुम मुझे। मैं किसी और से प्यार करता हूं।"यह सुनते ही नव्या रोने लगती है और कहती है-"फिर शादी क्यों की मुझसे? मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की?"राहुल खीर खाकर कहता है- "घर वालों के कहने पर।"नव्या उसे सवाल भरी नजरों से देखती है। राहुल कहता है-"हां!घर वालों के कहने पर,अगर मैं उनकी पसंद की लड़की से शादी ना करता तो मुझे अपनी प्रॉपर्टी से निकाल देते।" गुस्से उसे गुस्से से देख कर कहती है-"तुमने प्रॉपर्टी के लिए मेरी जिंदगी खराब कर दी। मेरे मां-पापा ने कितनी उम्मीदों के साथ मेरी शादी तुमसे कर रही थी। उनका भरोसा टूटा है,इन सब की भरपाई कौन करेगा।" राहुल कहता है-"मुझे फर्क नहीं पड़ता; ना तुमसे, ना तुम्हारे घर वालों से।" और चला जाता है। नव्या टूट चुकी होती है और पूरी रात रोती रहती है। रोते रोते वो फर्श पर ही सो जाती है। वो सुबह उठती है तो देखती है राहुल किसी से फोन पर बात कर रहा होता है और कहता है-"डोंट वरी नताशा!वो किसी को कुछ नहीं बताएगी।वो बेवकूफ है और बाय कहकर फोन रख देता है।राहुल नव्या को देखता है और कहता है-"नताशा थी,जिसे मैं प्यार करता हूं। उसे टेंशन हो रही थी, कहीं तुम सबको हमारे बारे में बता न दो।"लेकिन मुझे पता है तुम कुछ नहीं बताओगी नहीं तो तुम्हारे मां - पापा अपनी बेटी का दुख सह नहीं पाएंगे। यह सुनकर नव्या कहती है-" हां! नहीं बताऊंगी। क्योंकि मुझे रिश्तो के मायने पता है मैं तुम्हारी तरह नहीं हूं जो पैसों के लिए अपने मां - पापा का भी नहीं है।" यह सुनकर राहुल गुस्सा होकर वहां से चला जाता है। नव्या रोने लगती है और कहती है- "क्या क्या सोचा था मैंने, और क्या हो रहा है।" शाम को राहुल आता है और सब को बताता है कि उसका ट्रांसफर हो गया है। वह जाने के लिए तैयारी करने लगता है। अगली सुबह राहुल की मां कहती है- "राहुल अकेला नहीं जाएगा, नव्या भी उसके साथ जाएगी।" यह सुनकर राहुल और नव्या दोनों चौक जाते हैं क्योंकि नव्या नहीं जाना चाहती और राहुल अपने साथ नताशा को ले जाना चाहता है। लेकिन नव्या को राहुल के साथ जाना पड़ जाता है।

नव्या और राहुल कंपनी की ओर से दिए एक फ्लैट में पहुंचते हैं।नव्या सफर से थक कर सो जाती है,और जब सुबह उठती है तो देखती है राहुल घर पर नहीं होता।वह सोचती है ऑफिस चला गया होगा। शाम को डोरबेल बजती है। नव्या दरवाजा खोलती है तो सामने राहुल होता है।उसके साथ एक लड़की होती है।नव्या हैरानी से देखती है।राहुल लड़की का हाथ पकड़ कर अंदर लाता है और नव्या से कहता है-"ऐसे क्या देख रही हो?" नव्य कुछ नहीं बोलती। राहुल कहता है- "मेरे प्यार से मिलो नताशा।" नव्या चौक कर कहती है-"ओह! ये वो डायन है जिसके लिए तुमने अपने मां-पापा को धोखा दिया और मेरी जिंदगी खराब कर दी।लेकिन एक बात बता दूं राहुल, ऐसी लड़की जिसके कहने पर तुमने यह सब किया; यह किसी की सगी नहीं है।" यह सुनकर नताशा गुस्से से राहुल को देखती है और वहां से चली जाती है यह कहकर- "राहुल तुम मेरी इंसल्ट करने के लिए यहां लाए थे?" राहुल उसको मनाने उसके पीछे जाता है।नव्या भी अपना काम खत्म करके सो जाती है। राहुल नताशा को मनाते समय उसे किस करने वाला होता है, मगर नताशा उसे रोक देती है, क्योंकि वह जानती है, अगर राहुल को अपने करीब आने दिया तो वह उससे शादी नहीं करेगा।लेकिन नताशा को उसे रोकना उसके अहम को ठेस पहुंचाता है। वह गुस्से में घर आता है,और अपना गुस्सा नव्या के ऊपर उतारता है। वह उसके साथ जबरदस्ती करता है। नव्या चिल्लाती रहती है लेकिन वह बेबस होती है। सुबह नव्या उठती है और अपने नसीब पर रोने लगती है।कुछ समय बाद उसे उसकी एक सहेली का फोन आता है। वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाते और उसे सब बता देती है। उसकी सहेली उससे कहती है- " नव्या, तुम क्यों यह सब सह रही हो? तुम एक पढ़ी-लिखी लड़की हो। तुम अपने पैरों पर खड़ी होकर कुछ भी कर सकती हो और अपने मम्मी पापा को भी संभाल सकती हो। और तुम्हारे साथ क्या हो रहा है ये तुम्हारे मां- पापा को पता चलेगा तब तो वो और बिखर जाएंगे।" नव्या रोते हुए कहती है- "तो क्या करूं?" उसकी सहेली कहती है- "सुनो मेरा एक फ्रेंड है। वो तुम्हारे शहर में ही है। उसका बिजनेस है और एक बड़ा बुटीक भी। उसका पता देती हूं। तुम वहां इन्टरव्यू दे आओ। देखना उसे तुम्हारे डिजाइन्स बहुत पसंद आयेंगे।" नव्या इंटरव्यू देने के लिए अपने डिजाइंस इकट्ठा करती है और तैयारी करती है।शाम को राहुल घर आता है और नव्या से खाना लगाने को कहता है। नव्या कहती है- "आज तुम अपनी नताशा के हाथों का खाना खा आओ। मुझे कल इंटरव्यू के लिए जाना है तो मुझे उसकी तैयारी करनी है।राहुल नव्या का मजाक उड़ाते हुए कहता है- "इंटरव्यू! नौकरी! अरे! तुमको कौन देगा नौकरी।" इतना कह कर चला जाता है।नव्या ठान लेती है जॉब तो वह पाकर ही रहेगी।

अगली सुबह नव्या अपने फ्लैट से जा रही होती है कि वह एक लड़के से टकरा जाती है और उसके डिजाइन बिखर जाते हैं। लड़का नव्या से सॉरी बोलता है और डिजाइंस उठाने में उसकी मदद करता है। नव्य भी डिजाइंस उठाती है। वह लड़का उसकी डिजाइंस देखता है और उससे कहता है- "आप के डिजाइंस तो बहुत अच्छे हैं।" नव्या उसके हाथ से डिजाइन लेती है और थैंक्स बोलती है। वह लड़का कहता है- "मेरा नाम आरव है। मैं इसी बिल्डिंग में रहता हूं ।आपको देखा नहीं इससे पहले।" नव्य उसकी पूरी बात सुने बिना चली जाती है और आरव कहता है- "बड़ी अजीब लड़की है।"और वह भी चला जाता है।नव्या अपनी सहेली के बताए पते पर पहुंचती है। वहां इंटरव्यू के लिए बहुत लोग होते हैं। कुछ समय बाद उसकी बारी आती है।वह अंदर जाती है और देखती आरव इंटरव्यू ले रहा होता है। वह डर जाती है और सोचती है कहीं ये मुझे रिजेक्ट ना करदे, मेरे बर्ताव के लिए। लेकिन वह हिम्मत कर के अंदर जाती है। आरव भी उसे देख कर चौक जाता है और कहता है-"आप यहां?" नव्या हिचकिचाते हुए कहती है- "मेरी फ्रेंड ने आपके बारे में बताया था।"

"ओह! आप नव्या हैं। प्लीज बैठिए। मुझे मेरी फ्रेंड ने आपकी डिजाइंस के बारे में बताया था, और वाकई में बहुत अच्छी थी आपकी डिजाइंस।" नव्या आरव से सुबह के लिए माफी मांगती है। 

आरव कहता है- "इट्स ओके! मुझे बुरा नहीं लगा।" औरव नव्या की बाकी की डिजाइंस देखता है, और उसे जॉब के लिए अप्रूव कर देता है।नव्या बहुत खुश हो जाती है,और अपनी फ्रेंड को फोन करके थैंक यू बोलती है। वह अपने जॉब के बारे में अपने मां - पापा को भी बताती है और घर चली जाती है।शाम को राहुल के घर आने पर नव्या उसे अपनी जॉब के बात बताती है। राहुल उसका मजाक उड़ाते हुए कहते हैं- "कोई सस्ती सी नौकरी होगी।" नव्या उसे गर्व के साथ आरव की कंपनी का नाम बताती है और अपनी सैलरी भी बताती है। राहुल जलकर कहता है- "ठीक है! ठीक है! ज्यादा ना उड़ो। खाना लगाओ अब,भूख लगी है।"

नव्या अपनी जॉब में बिजी हो जाती है, राहुल नताशा के करीब ना जा पाने के कारण हो जाता है जिसके कारण वह हमेशा नव्या के साथ बदसलूकी करता है। कुछ महीने ऐसे ही बीत जाते हैं। राहुल की मां पापा भी उनके पास आ जाते हैं।

आरव नव्या के साथ काम करते करते उससे प्यार करने लगता है। लेकिन यह बात उसे बताता नहीं है। वह सोचता है समय आने पर बताएगा। एक दिन नव्या ऑफिस से लेट हो जाती है, तो आरव उसे घर छोड़ने के लिए कहता है। देर होने के कारण नव्या मान जाती है।आरव और नव्या जा रहे होते हैं, तो उन्हें राहुल देख लेता है, और उनका पीछा करने लगता है। रास्ते के बीच में नव्या बेहोश हो जाती है तो आरव उसे अस्पताल ले जाता है। डॉक्टर का चेकअप करते हैं और औरव को आकर कहते हैं कि नव्या मां बनने वाली है। यह बात आरव के पीछे खड़ा राहुल सुन लेता है और वहां से चला जाता है। आरव ये बात सुनकर चौक जाता है। उसका दिल टूट जाता है।आरव नव्या को उसके घर छोड़ने जाता है। नव्या दरवाजा खोलती है तो सामने राहुल और उसके मां पापा होते हैं। राहुल कहता है- "आ गई रंगरलिया मना कर अपने आशिक के साथ।" नव्या यह सुनकर हैरान हो जाती है और अपनी सास की ओर देखती है। राहुल फिर कहते है- "धर उधर क्या देख रही हो मैंने सब बता दिया है,कि तुम इस लड़के के बच्चे की मां बनने वाली हो।"यह सुनकर आरव भी हैरान हो जाता है। नव्या यह सुनकर संभाल नहीं पाती और कहती है- "ये तुम क्या बकवास कर रहे हो? इतनी गिरी हुई बात तुम कैसे कर सकते हो? अपने बच्चे को किसी और का बता रहे हो।" राहुल नाटक करते हुए कहता है- "मेरा बच्चा! मुझे कभी तुमने खुद को छूने दिया है?" ये सुनकर नव्या निशब्द हो जाती है। राहुल उसका सामान बाहर फेंक कर दरवाजा बंद कर देता है। नव्या दरवाजे के पास ही रोने लगती है। आरव उसे संभालता है। नव्या कहती है- "मुझे माफ कर दो आरव मेरी वजह से तुम को ये सब सुनना पड़ा।"आरव उससे कहता है- "माफी तुम क्यों मांग रही हो? तुम्हारी तो कोई गलती भी नहीं है।" नव्या रोते-रोते अपने मां पापा के पास फोन करती है और उन्हें सब बताती है। उसके मां पापा कहते हैं- "फिकर मत करो बेटा। हम अभी यहां से निकल रहे हैं। कल सुबह तक पहुंच जाएंगे तुम्हारे पास।" नव्या फोन रख कर आरव को जाने के लिए कहती है, लेकिन आरव कहता है- "मैं चला जाऊंगा लेकिन तुम भी मेरे साथ चलो।" नव्या कहती है- "नहीं मैं यही रहूंगी।" आरव उसे समझाते हुए कहता है- "देखो नव्या! मुझे पता है तुम लोगों के डर से मेरे साथ नहीं चल रही हो, कि लोग क्या कहेंगे, लेकिन अभी लोगों के बारे में नहीं तुम्हें अपने बच्चे के बारे में सोचना है। इसलिए मेरे साथ चलो।" नव्या अपने बच्चे का सोचकर आरव के साथ उसके घर आ जाती है। आरव उसे आराम करने को कहता है लेकिन वह रात भर सोती नहीं है। सुबह नव्या के पापा का फोन आता है। वो घर का पता पूछते हैं। आरव उन्हें घर ले कर आता है। नव्या उन्हें देखकर रोने लगती है। उसके मां पापा उसे चुप कराते हैं और आरव को धन्यवाद कहते हैं कि उनके आने तक नव्या का ख्याल रखा और नव्या को वापस ले जाने के बाद करते हैं। आरव कहता है- "अंकल आंटी मै जानता हूं, आप नव्या का भला ही चाहेंगे लेकिन क्याआप नहीं चाहेंगे, नव्या अपने बच्चे का ख्याल खुद रखें ना कि किसी पर निर्भर रहे। और अब तो नव्या का काम भी यहां सेटल हो गया है। अब किसी और शहर जाकर काम की शुरू से शुरुआत करना क्या ठीक रहेगा?"आरव की बात सुनकर नव्या के पापा कहते हैं- "बेटा तुम ठीक कह रहे हो, लेकिन यहां उसका ख्याल कौन रखेगा?" इस पर अरब कहता है- "तो आप लोग नव्या के पास रुक जाइए। मैंने ऑफिस के पास ही एक प फ्लैट देखा है। वहां से नव्या आराम से अपना ख्याल भी रख सकती है और अपना काम भी।" नव्या को यह सुझाव सही लगता है और वह अपने मां पापा को भी मना लेती।

देखते देखते छः महीने बीत जाते हैं। सब अच्छा बीत रहा होता है। नव्या काम कर रही होती है। पीछे से आरव कहता है-"मैडम! आपका काम हो गया हो तो डॉक्टर के पास चले आज अपॉइंटमेंट है।" नव्या कहती है- "हां! हो गया।" दोनों डॉक्टर के पास जाते हैं। चेकअप करा कर दोनों घर आ रहे होते तब नव्या आरव से कहती है- "आरव थैंक्यू! छः महीने बीत गए लेकिन मेरी अपॉइंटमेंट तुम कभी नहीं भूलते, भले मैं भूल जाऊं। मेरा साथ देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।" आरव कहता है- "अरे! इसमें थैंक्स की क्या बात है। तुम मेरी अच्छी दोस्त हो,और अब तो बिजनेस पार्टनर भी हो, तो अपनी पार्टनर का ख्याल तो रखना होगा। सो जस्ट चिल।" लेकिन आरव मन में सोचता है- "नव्या अब मैं तुम्हें बिल्कुल परेशान नहीं होने दूंगा। तुम्हारी सारी प्रॉब्लम्स मेरी होंगी। बहुत जल्द तुमको अपने दिल की बात बता कर (कि मैं तुमसे प्यार करता हूं) तुम्हें अपनी लाइफ पाटनर भी बना लूंगा।"

इधर राहुल नताशा से शादी कर लेता है। लेकिन उन दोनों में हमेशा तनाव रहता है। नताशा कभी राहुल के मां पापा से तो कभी खुद राहुल से लड़ती रहती है। कुछ समय बीतने पर नव्या की गोद भराई होती हैं। आरव सारी तैयारियां करता है। गोदभराई खत्म होने के बाद आरव नव्या को अपने दिल की बात बता देता है। नव्या हैरान हो जाती है और कहती है- "आरव ये क्या कह रहे हो?" आरव कहता है- "हां नव्या! मैं तुमसे प्यार करता हूं।" नव्या कहती है- "मैं जानती हूं आरव, तुम मेरी बेबसी देखकर कह रहे हो। लेकिन मै अपने लिए किसी की ज़िंदगी खराब नहीं कर सकती।" इस पर आरव कहता है- "नहीं नव्या! मैं तुम्हे बेबस नहीं समझता, बल्कि तुम तो बहुत स्ट्रांग हो जिसने अपने बच्चे को अकेले संभालने का फैसला किया। और मैं सच में तुमसे प्यार करता हूं,तुम्हें हमेशा खुश रखना चाहता हूं।" नव्या कहती है- "मुझे समय चाहिए सोचने के लिए।" आरव कहता है- "टेक योर टाइम। लेकिन तुम मुझसे नाराज़ तो नहीं हो?" नव्या कहती है- "नहीं आरव।"

एक दिन राहुल और नताशा के बीच बात हो रही होती है। राहुल कहता है- "अब बस नव्या इन तलाक के पेपर पर हस्ताक्षर कर दे तो, नव्या और उस बच्चे से छुटकारा मिले।" नताशा कहती है- "वैसे राहुल! तुम बहुत हिम्मती हो, जो तुमने अपने बच्चे को किसी और का बच्चा बता दिया।" "अरे तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं मैं।" राहुल कहता है। और दोनों हंसने लगते हैं। लेकिन उनकी बातें राहुल की मां सुन लेती हैं। वो संभल नहीं पाती और सीधा नव्या के पास जाती हैं वह नव्या से कहती हैं- "बेटा मुझे माफ कर दो,मैंने तुम्हें गलत समझा। मुझे नहीं पता था, राहुल ऐसा करेगा। इस हद तक गिर जाएगा। नव्या कहती है- "मम्मी जी आप क्यों माफी मांग रही हैं? अपने तो वो समझा जो आपकी आंखों ने देखा। मुझे आप से कोई शिकायत नहीं है।" राहुल की मां नव्या को गले लगा लेती हैं।

कुछ दिनों बाद राहुल और नव्या का तलाक हो जाता है, तब राहुल के मां पापा अपनी सारी वसीयत नव्या के नाम कर देते हैं। यह बात नताशा को पता चलती है तो नताशा राहुल को छोड़ कर चली जाती है।राहुल एकदम अकेला हो जाता है और अपनी गलतियों की सजा पाता है।

नव्या एक दिन काम कर रही होती है। डमी पर कपड़ा पिनअप करते समय उसे पिन चुभ जाती है, तो आरव उसका हाथ देखकर डांटते हुए कहता है- "ध्यान से काम नहीं कर सकते तुम; और अपना ध्यान तो बिल्कुल नहीं रखती तुम। कुछ दिनों में जब बेबी आ जाएगा तो उसका खयाल कैसे रखोगी?" आरव को इतनी चिंता करते देखना नव्या आरव को ही देखती रहती है और सोचती है- "आरव कितना अच्छा है। हमेशा मेरी और मेरे बच्चे की फिक्र करता है। और एक राहुल था जिसने खुद के बच्चे को भी नहीं अपनाया।"

कुछ दिन बीत जाते हैं। नव्या अपने मां पापा और राहुल के मां पापा को आरव के प्रस्ताव के बारे में बताती है। वो नव्या से कहते हैं- "बेटा! आरव बहुत अच्छा लड़का है। तुम्हें उसे हां कर देना चाहिए। लेकिन ये फैसला तुम पर है क्योंकि इससे पहले राहुल को हमने चुना था और नतीजा सामने है।" नव्या आरव को फोन करके बुलाती है। वो उसके प्रस्ताव को हां कह देती है। आरव उससे शादी की बात करता है। नव्या शादी के लिए हां कर देती है। सब बहुत खुश होते हैं। कुछ दिनों बाद आरव नव्या शादी कर लेते हैं। आरव के साथ नव्या बहुत खुश होती है।

कुछ समय बाद सब अस्पताल में होते हैं। एक नर्स नव्या के पास से एक बच्चे को उठाकर आरव को देती है और कहती है- "मुबारक हो सर! बेटा हुआ है। बहुत क्यूट भी है।" आरव नव्या को देखते हुए कहता है- "क्यूट तो होगा ही, अपने पापा पर गया है।" और बच्चे का माथा चूमता है। पीछे से राहुल के मां पापा कहते हैं- "हां बेटा! जो काम एक पिता को करना चाहिए, वो सारे काम तुमने किए है। लेकिन एक विनती है हमें बस कभी कभी अपने पोते से मिल लेने दिया करना।" इसपर आरव कहता है- "ये कैसी बातें कर रहे हैं आप? आप जब चाहे अपने पोते से मिल सकते है, उसके साथ खेल सकते है। आपको इजाज़त मांगने की जरूरत नहीं है।" सब बहुत खुश होते हैं। नव्या भावुक हो जाती है और आरव को देखते हुए सोचती है- "आरव बिल्कुल मेरे सपनों के राजकुमार की तरह है, सबका ख्याल रखने वाला, सम्मान करने वाला और हमेशा साथ निभाने वाला।"


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