मेरा अनजान रिश्ता
मेरा अनजान रिश्ता
एक बार मैं ट्रेन से कानपुर जा रही थीं। अकेले सफर करने की आदत है मुझे.. इस कारण एक तरफ बैठी मैगज़ीन पढ़ रही थी।
तभी एक 10-12 साल का बच्चा ट्रेन के दरवाजे से झुल रहा था। मैंने उसे देखा वो मुस्कुरा कर मेरी ओर देख ने लगा तभी उसका पैर फिसला और वह नीचे गिरने ही वाला था कि वह जोर से चिल्लाया बचाओ और मैंने भी झट से उस बच्चें का हाथ अपने हाथ से पकड़ लिया और उसे ऊपर खींच लिया पता नहीं इतनी ताकत मुझमें कैसे आ गई। आज भी मेरा अनजान रिश्ता उस बच्चे के साथ बना हुआ है।
