कौन सुन्दर है
कौन सुन्दर है
एक बार धन की देवी लक्ष्मी और दरिद्रता की देवी दरिद्रणी में सुन्दरता को लेकर बहस छिड़ गई दरिद्रणी कहने लगीं मैं सुंदर हूं तो लक्ष्मी कहने लगी मैं सुन्दर हूं। बहस अधिक बढ़ती देख थोड़ी देर में वहां देव ऋषि नारद का आगमन होता है।नारद जी अपने चिर-परिचित अंदाज में कहते हैं नारायण नारायण नारायण कहो माते आप लोग कैसे हैं ?
तभी बहस विवाद में उलझी सगी बहनों में से एक बहन लक्ष्मी असहज भाव से कहा मुझे समझ में नहीं आता है कि हम दोनों बहनों में कौन सुन्दर है?
लक्ष्मी या दरिद्रणी आप ही देव ऋषि इस बात का फैसला कर दीजिए
हे भगवान् कौन सुन्दर है।
तभी एक मिनट में फैसला करने की बात देव ऋषि नारद ने कही।
नारायण नारायण नारायण तीन बार कहकर देव ऋषि नारद ने कहा लक्ष्मी चार कदम चल कर मुझे दिखाओ तभी लक्ष्मी ने चलना शुरू किया और वापस आने को कहा थोड़ी देर बाद नारद जी ने कहा माते आह!
जब आप आती हो तो बहुत सुंदर लगती हो !
फिर दरिद्रणी से चार कदम चलने को कहा और फिर वापस आने के लिए कहा जब दरिद्रणी वापस लौटी तो नारद जी ने कहा !
आह!जब आप जाती हो तो बहुत सुंदर लगती हो इस तरह लक्ष्मी और दरिद्रणी दोनों बहनों को कौन कब सुन्दर लगता है इस बात को देव ऋषि नारद ने बहुत अच्छे से बता दिया और यही हकीकत भी है लक्ष्मी जब आती तो बहुत अच्छा लगता है और दरिद्रणी अर्थात ( दरिद्रता)जब जाती है तब बहुत अच्छा लगता है। और यह भी सच है जब लक्ष्मी आयेंगी तो दरिद्रता को जाना ही पड़ता है।✍️
