जब मुझे गोद लिया
जब मुझे गोद लिया
मुझे गोद लिए फिरें सब
सबका लाड़ दुलार मिले
पापा मम्मी मिले मुझे
कुछ जालिम स्मृति चिन्ह रहे
बैड, सोफ़ा प्यारा हाउस
मुझे गोद उपहार मिला
जन्म दिवस जब आता
पापा, मम्मी का प्यार रहा
अपने जैसे लगे मुझे वह
भूल जहा़ की बात गया
कहने लगते यह बालक
लाये गोद अपना बना
नफ़रत सी लगती जब-जब
आते घर मिलने वाले
रूठ बैठता दूर कहीं
जब देखा करता चेहरा काले।।
