STORYMIRROR

Ajarudeen khan

Abstract

2  

Ajarudeen khan

Abstract

इंसान को इंसानियत

इंसान को इंसानियत

2 mins
44

इंसान को इंसानियत का संदेश, ना देश तेरा ना देश मेरा यह देश है हमारा !!! कोई बोले मैं हिंदु कोई बोले मै मुस्लिम साथ ही साथ मैं और बोले मैं हु सिख मैं हूँ ईसाई पर देश कि माटी बोले आप हो मेरे बच्चे ना हो आप हिन्दू ना हो आप मुस्लिम ना सिख ना हो ईसाई आप सभी हो हिंदुस्तानी !!! आज का माहौल देख मेरे आँखों मैं आ र है आंसू और देखते देखते मेरा देश का क्या हाल हो गया कही पे हिन्दू लीचिंग कही पर मुस्लिम लीचिंग पर देश कि मिटटी बोले ना मार हिन्दू को ना मार मुस्लिम को अरे तू भी है हिंदुस्तानी वो भी हिंदुस्तानी !! मारना है तो देश के दुश्मन को मारो आप आपस मैं क्यों लड़ते आप... यह देश ना तेरा ना है मेरा यह देश  है हिंदुस्तानीयों का. माना हमारे बीच कुछ है खींचा तानी कुछ तू तू मैं मैं पर देश कि मीटी बोले आप हो हिंदुस्तानी!!! ना कोई हिन्दू मुश्किल ना को मुस्लिम मुश्किल मैं यहु रह सभी तो देश कि मीटी बोले हिंदुस्तान का सौर्य मुश्किल !! आज देश कि मीटी बोले सभी इंसान को हिन्दू मेरा लाल और मुस्लिम भी मेरा लाल और सभी मैं हो एक ही इंसानियत ना रोये हिन्दू ना रोये मुस्लिम रॉय हमारे देश कि मिटटी के दुश्मन.!!!!! हम कल भी हिंदुस्तानी थे आज भी हिंदुस्तानी है और कल भी हिंदुस्तानी है *जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द*


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Abstract