गली में रोज घूमती हैं चुड़ैल
गली में रोज घूमती हैं चुड़ैल
यह वाक्य हम तक पहुंचाया है राजू नाम के व्यक्ति ने जो की औरैया जिले के कस्बे दिबियापुर का रहने वाला है। राजू का कहना है कि वह एक कारपेंटर का काम करता है। कभी-कभी उसको घर जाने में अंधेरा भी हो जाता था होली का दिन था राजू अपने घर के लिए निकला ही था। तभी उसको याद आया कि आज होली है और होली दहन के दिन गन्ना और कुछ पकवान घर को ले चलना है पकवान लेने की वजह से राजू को काफी अंधेरा हो गया था । और मार्केट से राजू का घर करीब 3 किलोमीटर दूर था। राजू को लगा अब अंधेरा ज्यादा होने लगा तो हमको घर चलना चाहिए। राजू को घर आते-आते करीब रात के 11:00 बज गए थे। जब वह अपनी गली के अंदर घुसा तो उसको लगा कि उसका कोई पीछा कर रहा है लेकिन राजू डरा नहीं और वह आगे बढ़ता रहा आगे बढ़ते ही उसको यह लगने लगा कि अब कोई उसकी काफी करीब आ चुका है। राजू ने जब पीछे मुड़कर देखा तो उसके पीछे एक बड़ी सी औरत खड़ी हुई थी।
औरत को देख राजू के पसीने छूट गई क्योंकि औरत काफी पूरी तरह से जली हुई थी।
राजू ने देखा कि वह औरत उसी के मोहल्ले की है जिसकी कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी थी अचानक से हुए चिल्लाते हुए अपने घर की ओर भागा और घर के पास जाकर पीछे मुड़कर देखा तो वहां पर कोई नहीं था।
घटना का मुख्य गवाह
राजू राजपूत

