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एक करोड़

एक करोड़

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'डिलीवरी' के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घर के द्वार पर अर्जुन की माँ ने तिलक लगाकर बहू का स्वागत किया और अपनी नवजात पोत्री को भी टीका करके आरती की। आज घर के सभी लोग बेहद खुश थे। विशेषकर अर्जुन, उसकी पहली संतान जो परी के रुप में आई थी। बारी-बारी से सब नन्हीं पारी को गोद में लेकर खिला रहे थे कोई सिटी बजा कर तो कोई तुतलाती बोली में नवजात से बात करने का प्रयास कर रहा था। कोई उसके नैन नक्श के बारे में तो कोई रंग रूप की चर्चा कर रहा था।

रात्रि भोजन का समय हो गया था घर के सभी सदस्य टीवी के आगे बैठकर खाना खाने लगे, अर्जुन के पापा मल्होत्रा जी भी अपनी दुकान बंद करके आ गए थे और रोजाना की तरह चुपचाप खाना खाने बैठ गए। उनके चेहरे और हाव भाव से लग रहा था जैसे उन्हें पोती के आने की खुशी नहीं हुई।

यूँ घर के सब लोग उनके सामने हमेशा चुप ही रहा करते थे। पर आज तो सब मानों बच्चे बन गए थे।

अर्जुन ने अपने पापा से कहा...

"देखिए पापा कितनी मासूम और प्यारी है ना हमारी परी !"

मल्होत्रा जी ने कोई जवाब नहीं दिया और अपने बेटे अर्जुन से कहने लगे...

"अब आज से ही जोड़ना चालू कर दे इसकी शादी वास्ते, अब तो इसकी शादी में एक करोड़ लगेगा, और इसको पढ़ाना लिखाना पड़ेगा सो और।

पिता की बात सुनकर एक बार तो अर्जुन गंभीर हो गया, लेकिन दूसरे ही पल साहस करके बोल पड़ा।

"नहीं पापा...मैं अपनी परी को इतना काबिल बनाऊँगा कि करोड़ नहीं करोड़ों में इसका नाम होगा उसी समय टीवी पर समाचार चल रहे थे भारत की बेटी मैरीकॉम ने विश्व मुक्केबाजी में अब तक छः स्वर्ण पदक जीत कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया !


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