STORYMIRROR

shachi Nigam

Abstract

2  

shachi Nigam

Abstract

ए मुसाफिर

ए मुसाफिर

1 min
88

याद बहुत करते हैं तुमको , ए मुसाफिर,

जल्द ही दुनिया में वापिस अजाओ ए मुसाफिर ।

घूमना है मुझे तेरे संग ए मुसाफिर, तेरे रंग में डूब जाएंगे ए मुसाफिर।

काश हम तेरी छांव में लौट आए ज़िन्दगी, ज़िन्दगी बहुत अजीब है,

पता नहीं किस मोड़ पर हमे ले जाए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi story from shachi Nigam

Similar hindi story from Abstract