बिन फेरे हम तेरे हो गए
बिन फेरे हम तेरे हो गए
मुझे माफ़ कर दो आगे से ऐसी गलती फिर नहीं करूंगा।
तुम्हारी कसम, राम ने धरा के सिर पर हाथ रख के बोला। धरा ने राम के हाथ को जोर से झटक दिया और रोने लगी।
मैं कैसे विश्वास करू तुम्हारा, अब तुम वो राम नहीं जो मुझसे मिले थे, जिसको मैंने चाहा, हमने साथ मिलकर कसमें खायी थी साथ जीने मरने की लेकिन तुमने अपनी घटिया हरकत से हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
अब मै तुम्हारे साथ नहीं रह सकती।
इतना सब होने के बाद भी मैं फिर भी तुमको चाहूँगी।
लेकिन अब हम कभी नही मिलेंगे, मैं जा रही हूं।
मेरे पीछे मत आना, ना ही मुझे फोन करना, आज से मेरा तुम्हारा कोई रिश्ता नहीं।
अच्छा हुआ जो अभी पता लग गया वरना तुम्हारे कर्मो की सज़ा हमारे परिवार को भुगतनी पड़ती। फिर धरा अपना सामान लेकर वहां से चली जाती हैं।
राम उसको रोकने की कोशिश भी नहीं करता। राम के चेहरे पर उदासी हैं और सोच रहा हैं मैंने उस रात इतनी क्यूं पी ली कि मुझे होश भी नहीं रहा।
बार में बैठे बैठे ना जाने कितनी शराब पी ली अपनी दोस्त जया के साथ। जिसे कभी बचपन में मैं पसंद करता था। फिर हमारे बीच जो हुआ वह तो ग़लत ही हुआ।
फिर मैंने उसको जो मैसेज किये वह मुझे डिलीट कर देने चाहिए थे।
मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। मुझे उससे मिलने जाना ही नहीं चाहिए था,उससे दूर हो जाना चाहिए था।
उस समय मुझे क्या हो गया था? मैं इतना कमजोर कैसे हो गया?
धरा ने सारे मैसेज,और पिक्चर्स देख लिए। मैंने उसका विश्वास हमेशा के लिए खो दिया। धरा ने तो बिन फेरे ही मुझे अपना पति बना लिया था। वह अपना सब कुछ छोड़ कर मेरी पत्नी के रूप में मेरे साथ रहती है।
मेरे लिए सब कुछ करने को तैयार थी। अब वो मेरे साथ नहीं है, अब क्या होगा हमारे रिश्ते का, सब कुछ खत्म हो गया मेरी गलती के कारण।
लेकिन राम के सामने अब इस समस्या का कोई समाधान नहीं था। उसकी अल्हड़ मोहब्बत और शराब की उसे बड़ी भारी क़ीमत चुकानी पड़ी। अब जिंदगी बहुरंगी ना रहकर मोहब्बत के काले रंग की हो गई हैं।
धरा के बिना मेरा होना ना होना बराबर हैं। अब राम धरा को कभी नहीं भूल सकता था... अब मैं हमेशा के लिए बिना फेरे लिए उसका रहूंगा लेकिन अब धरा को पुनः अपने जीवन में लाने की कोशिश करूंगा राम को अपनी गलती का अहसास हो गया था।
