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Kanak Agarwal

Tragedy

4  

Kanak Agarwal

Tragedy

भूख

भूख

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चोरी, झूठ, बेईमानी हमेशा दूर रहना इनसे

माँ ने प्यार से समझाया


ढाबे से रोटी चुराते नन्हें मुन्ना के हाथ कांपे

आसमान में तारे बने माँ पापा क्या सोचेंगे


तुरंत ही भूख से बिलखती नन्हीं का चेहरा सामने आ गया

आंख में आंसू हाथ में रोटी, क्या करे वो ? 


एक बार फिर भूख संस्कारों पर भारी पड़ी।


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