बारिश और प्यार
बारिश और प्यार
रीता घर से बाहर ही निकली थी कि बारिश शुरू हो गई.. वो चिढ़कर बड़बड़ाती हुई बोली, "एक तो ऑफिस को वैसे ही देर हो रही है उसपर ये बारिश.. न जाने कैसे कुछ लोगों को ये बारिश पसंद आ जाती है..?" फिर गुस्से से ही छाता खोला और निकल पड़ी.. अभी रोड पर पहुंची ही थी कि एक गाड़ी तेजी से गुजरी, और पी पी का शोर मचाती हुई रीता के पास से गुजरी.. और बारिश की कीचड़ रीता पर उछालकर चली गई..
रीता को बहुत तेज गुस्सा आ रहा था। वो कुछ कहने वाली थी कि एक लड़का उसके पास आया और बोला, "ये कीचड़ बारिश के पानी में घुल जाने दीजिए, नहीं तो सूट पर दाग लग जायेगा।"
रीता उसकी बात सुनकर छाते में ही बचती छुपती हुई कीचड़ धोने लगी.. उसे भीगना भी नहीं था और कीचड़ भी छूटानी थी। रीता को इस तरह बारिश से बचता देखा वो लड़का हंसा। और फिर अपनी हंसी पर काबू पाकर वो बोला, "आप छाते में ही खड़े रहिए। मैं धो देता हूं कीचड़।" और बारिश के पानी से ही कीचड़ छुटाने लगा। रीता न जाने क्यों उसे गौर से देखने लगी..
देखने पर रीता को महसूस हुआ। वो लड़का स्मार्ट, और हैंडसम था। सफेद कमीज और नीचे प्रेस की गई पेंट पहने था। कमर पर कोट बंधा हुआ था। बाल करीने से जैल से बने थे, इसलिए बिगड़ नहीं रहे थे। देखने में गोरा, नीले आंखें और घुंघराली बाल थे। बॉडी बनाने का भी शौक था, क्योंकि वो सफेद कमीज के अंदर से झांक रही थी। कुछ देर देखते हुए रीता ने उसे पूछा.. "कौन हो तुम? "
लड़का कीचड़ छुड़ा का हटा और बोला, "मेरा नाम नील मेहता है.."
रीता एकदम से बोली, "मेहता इंडस्ट्रीज वाले नील मेहता?"
नील हंसकर बोला, "जी! मैं वही हूं..अब आप पूछेंगे कि मैं क्यों आया आपकी मदद करने को.. तो मैंने आपको बारिश में परेशान होते हुए देखा तो मदद करने आ गया। वैसे वो गाड़ी मेरा ड्राइवर चला रहा था। मैं उसे कहा था वो घर जाए, और उसने.. माफ कीजिएगा.."
रीता बोली, "नहीं.. आप क्यों सॉरी बोल रहे हैं गलती किसी की नहीं थी। मैं ही बारिश में घर से निकल पड़ी।"
नील बोला, "ऐसा क्यों कह रही हैं आप? बारिश तो खूबसूरत होती है..लोग इससे प्यार करते हैं.. और इसे इस रूप में बस वही समझ सकता है जो इश्क की गलियों से गुजरा हो.. खैर दाग छूट गया है। अब मैं चलता हूं.." नील जाने लगा, तभी रीता बोली, "अभी आप किधर चले? गाड़ी तो गई.."
नील बोला, "ऑफिस जा रहा हूं.. मगर जाऊंगा तब जब में इस बारिश में पूरा दिन भीग ना लूं.. मुझे बारिश बहुत पसंद है.." इतना कहकर नील ने अपनी बाहें फैलाई और भीगने लगा।
रीता ने नील की बात सुनी तो वो हंसकर बोली, "आपने अभी कहा कि ये बारिश से प्यार उसी की समझ आता है जो इश्क की गलियों से गुजरा हो.. तो आप गुजरे हो क्या? वफा पाई या या बेवफाई..?"
नील रीता की बात सुनकर जोर से हंस पड़ा.. और फिर बोला, "गुजरने की हसरत है.. मगर दिल को मुहब्बत होती ही नहीं.. पता न किधर है वो लड़की जिसे देख मुहब्बत हो जाए.. जिसे इस बारिश से भी प्यार हो मेरी तरह.." और हंसता हुआ चला गया।
रीता उसे देखती ही रही.. रीता उसी के ऑफिस में काम करती थी। वो जल्दी से बोली, "सुनिए! मैं भी वही जा रही हूं.. जिधर आप जा रहे हैं..मैं भी मेहता इंडस्ट्रीज में काम करती हूं। और फर्क बस ये है कि मैं इल्प्लॉय हूं और आप मालिक.. मैं चल सकती हूं आपके साथ?"
नील बोला, "चलिए..! मगर ये छाता.."
रीता बोली, " बारिश अच्छे नहीं लगती मुझे...."
रीता की बात सुनकर नील जोर से हंस दिया। और बोला, "क्यों नहीं अच्छी लगती जी.. बहुत पैसा लेकर घूमती हो क्या.? जो बारिश में भीगने से डरती हो..?"
और इतना कहकर रीता को देखने लगा। पलभर को रीता की निगाह नील से मिली.. और फिर दोनो की नजर झुक गई। धीरे धीरे नील मस्ती करता बारिश में भीगता ऑफिस पहुंचा। और रीता बारिश से बचते हुए पहुंची। उसने एक बार भी नील से छाते में आने को नहीं कहा.. ऑफिस के बाहर रीता ने छाता दो मिनट को बंद की और फिर खोलकर अपनी डेस्क की तरफ जाने लगी। और नील अपने ऑफिस की तरफ जाने लगा। तो उसका दोस्त जो नील के लिए छाता लाया था उसे उड़ाते हुए बोला, "क्या बात है इतने खुश क्यों हो भाई? और वो लड़की कौन थी जिसके साथ तुम आए थे..?"
नील बोला, "वो.. उसका नाम ऋतु है.. वो यही काम करती है.. बहुत स्वीट है।" और मुस्कुराकर रीता की तरफ देखा। रीता अपना नाम ऋतु सुनकर ठहर गई थी। उसने भी नील की तरफ देखा। निगाह फिर मिली और इस बार रीता की नजर झुक गई..
नील का दोस्त बोला, "लगता है मियां इश्क की गलियों में चले ही गए..
तो नील रीता की तरफ देखकर हंसते हुए बोला, "मगर उसे बारिश बिलकुल नहीं पसंद.. और मुझे बारिश से प्यार है..कैसे बनेगी जोड़ी..?"
रीता ने जैसे ही ये सुना.. उसने झट से छाता बंद कर दी.. उसकी दोस्त जो उसे वहीं मिली थी वो बोली, "और छाता क्यों बंद कर दिया.. तुझे तो बारिश बिलकुल नहीं पसंद है..अब हम अंदर गीले होकर जाएंगे?"
रीता नील को देखते हुए बोली, "कोई बात नहीं.. मुझे बारिश पसंद है.. और आज से पसंद है.. किसी ने बारिश से प्यार करना सीखा दिया.. और अपनी बाहें बारिश में फैलाती हुई बोली, "सच बारिश बहुत खूबसूरत है.."
नील ने रीता को इस तरह भीगता देखा तो वो भी उसके पास आकर भीगने लगा। दोनो एक दूजे को देखकर मुस्कुराए। और भीगने लगे.. बारिश के प्यार में या प्यार की बारिश में मुझे नहीं पता.. आपको पता है तो बता दो..🤭😁😁
©सखी

