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Nandita Srivastava

Drama

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Nandita Srivastava

Drama

आखिर कब तक

आखिर कब तक

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सुधा एक बहुत बड़ी लेखिका है। हर समय हँसती खिलखिलाती रहती। सुधा की जिंदगी में कितनी मुसीबत है कोई सोच भी नहीं सकता है। लोग कहते है बहुत बढ़िया लिखती है।पर मैं सुधा को जितनी जानती हूँ, वह बहुत झेल रही है।


अब आज की घटना देख लो कहानी पढ़ कर आयी, तो दरवाजा नहीं खोला जा रहा था। पहुँचने पर पूछा गया कब तक इस घर से निकलोगी? उसका दिमाग गरम हो गया। ठीक है, जा रहे है, पर कुछ सोचकर उसने कहा कि दो चार दिन में आखिर कब तक नारियों को यह सहना पड़ेगा। पुरूषों से तो कभी सवाल नहीं पूछे जाते है फिर नारियों से क्यों?


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