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Chetan Gondalia

Inspirational


5.0  

Chetan Gondalia

Inspirational


ज़िद करो

ज़िद करो

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क्यों बैठे ? चुपचाप निस्तेज

मुश्किलों से पराजित, वो तुम नहीं !

कमर कस लो, चलो, उठो !

ज़िद करो, आसमां छू लो।

 

हो बेरंग-वीरां कोई ज़िंदगी

नज़रोँ मे कहीं, हर कहीं

देखो नहीं, उठो, दौड़ो

ज़िद करो, उसमे रंग भरो।

 

क़ाबू पा सकते हो तुम

हर शै, शैतानों-दुश्मनों पे

शस्त्र धरो, रक्षा करो,

ज़िद करो, जंग जीतो। 


न टूटो, न हारो, न गिरो,

लड़ने से पहले ही तुम,

अजेय क़िले भी ढहते हैं;

ज़िद करो, फ़तेह करो।

 

समाज की सोच बदलो,

आदिम-अशुभवृत्तियों की,

रूढ़िवादी-तंत्र को छोड़ो,

ज़िद करो, दुनिया बदलो।


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