STORYMIRROR

हरीश कंडवाल "मनखी "

Fantasy Inspirational

3  

हरीश कंडवाल "मनखी "

Fantasy Inspirational

युवा उत्साह

युवा उत्साह

1 min
144

नारंगी रंग लिये युवा दौड़ लगाये

कभी इस गली कभी उस गली

होली के रंग में सब को रंगाये

जाति पाति का भेद भूल होली मनाए।


होली के हुलियारे मस्ती गीत गाये

कोई लाल कोई गुलाल आसमां उड़ाए

युवा जोश, उमंग भरा, मन में उत्साह

कुछ कर गुजरने की रहती उनकी चाह।


नारंगी रंग कुछ नया करना रंग दिखाए

हम है युवा देश के, यह संदेश बताए

होली में तो युवा अपना जोश दिखाए

कुछ कर गुजरने की है चाह, यह समझाये

होली है रंग का त्यौहार नया उत्साह जगाए।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy