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Dipak Kumar "Girja"

Romance

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Dipak Kumar "Girja"

Romance

यादों की तस्वीर

यादों की तस्वीर

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जो बसी है मेरी यादों में वो तस्वीर तुम हो,

मेरे हर ख्वाब और हर अक्स में, एक तासीर तुम हो।


तुम्हारे बिना ये जिंदगी अधूरी है मेरी,

मेरे हर लफ्ज़ और हर अहसास में, वो तहरीर तुम हो।


तुम्हारी हंसी से महकता है मेरा हर दिन,

मेरी हर खुशी और हर मुस्कान में, वो रंजीर तुम हो।


तेरे बिना मेरे दिल का हाल बताऊं कैसे,

मेरे हर दर्द और हर आह में, वो तक़दीर तुम हो।


तुम्हारे बिना ये रातें भी बेरंग सी लगती हैं,

मेरे हर सपने और हर रात की, वो जंजीर तुम हो।


जब भी तन्हाई में तेरी याद आती है,

मेरे हर आंसू और हर सिसकी में, वो तस्वीर तुम हो।


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