STORYMIRROR

Rahulkumar Chaudhary

Romance Fantasy

3  

Rahulkumar Chaudhary

Romance Fantasy

याद मोहब्बत की

याद मोहब्बत की

1 min
197

जो भी दुख याद न था याद आया 

आज क्या जानिए क्या याद आया

 

याद आया था बिछड़ना तेरा

फिर नहीं याद कि क्या याद आया

 

हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया

जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया

 

जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल

इक इक नक़्श तेरा याद आया

 

ये मोहब्बत भी है क्या रोग फ़राज़

जिसको भूले वो सदा याद आया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance