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Rahulkumar Chaudhary

Romance Fantasy

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Rahulkumar Chaudhary

Romance Fantasy

याद मोहब्बत की

याद मोहब्बत की

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जो भी दुख याद न था याद आया 

आज क्या जानिए क्या याद आया

 

याद आया था बिछड़ना तेरा

फिर नहीं याद कि क्या याद आया

 

हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया

जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया

 

जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल

इक इक नक़्श तेरा याद आया

 

ये मोहब्बत भी है क्या रोग फ़राज़

जिसको भूले वो सदा याद आया।


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