Arvina Ghalot
Abstract
मानों तो सारा संसार
बासुधैव कुटुंबकम् है
वर्ना तो बस रैन बसेरा है
हर एक का अलग अलग डेरा है
कहीं नदी तो कहीं पहाड़
उन पर बसा ये संसार
कहीं शंकराचार्य
ने किया कर किया पावन काम
भ्रमण कर कहा वसुधैव कुटुंबकम् है
लाल ओढ़नी
तुम कविता हो
बाकी हैं, उजा...
यादों की कंदी...
सावन झड़ी लाग...
मेरे हमसफ़र
इस दिल के किं...
विश्वास की डो...
सितम बिखरा पड...
मेरे अंगने मे...
बस मैं और मेरा खुशियों से भरा ये संसार होता मन सोचता काश अलादीन का एक चिराग होता I बस मैं और मेरा खुशियों से भरा ये संसार होता मन सोचता काश अलादीन का एक चिराग ...
मेरे हर क्षण का ज्ञाता तू है इस जग का भाग्य विधाता तू है। मेरे हर क्षण का ज्ञाता तू है इस जग का भाग्य विधाता तू है।
जिसको अपना माना वही अकेला कर गए, फिर भी उनसे वफ़ा की उम्मीद लगा रहा हूं।। जिसको अपना माना वही अकेला कर गए, फिर भी उनसे वफ़ा की उम्मीद लगा रहा हूं।।
जी नहीं पाऊंगा तेरे ही बिना मैं पास आज़म के रहना मेरी सदा मां। जी नहीं पाऊंगा तेरे ही बिना मैं पास आज़म के रहना मेरी सदा मां।
गरीब तो गरीब है साहब गरीब बिलखते रहते हैं।। गरीब तो गरीब है साहब गरीब बिलखते रहते हैं।।
हर किसी की चौखट पर आशाओं का नया दीप जलाएं। हर किसी की चौखट पर आशाओं का नया दीप जलाएं।
वायु बिना प्राण शून्य है आज मानव समझ पाया। वायु बिना प्राण शून्य है आज मानव समझ पाया।
किसी का साथ हमें कभी छोड़ना नहीं है, रहना मिलकर हमें यहीं हम सबका ठौर है ! किसी का साथ हमें कभी छोड़ना नहीं है, रहना मिलकर हमें यहीं हम सबका ठौर है !
हमें तो प्यार से जीना है। निद्रा से जगना है। अपना कर्म करना है। हमें तो प्यार से जीना है। निद्रा से जगना है। अपना कर्म करना है।
जिनके द्वारा जैसे शब्द बोले जाते हैं वो लोग यहां पे वैसा ही फल पाते हैं। जिनके द्वारा जैसे शब्द बोले जाते हैं वो लोग यहां पे वैसा ही फल पाते हैं।
सोनी कभी अपने दिल की बात हमें बताया तो करो ! सोनी कभी अपने दिल की बात हमें बताया तो करो !
कभी सच्चाई को स्वीकार न किया कभी सच्चाई को स्वीकार न किया। कभी सच्चाई को स्वीकार न किया कभी सच्चाई को स्वीकार न किया।
हर रात आता है एक ही स्वप्न, कैसे बंद करुँ मैं देखना दुःस्वप्न। उठना है सुबह बजे पाँच, हर रात आता है एक ही स्वप्न, कैसे बंद करुँ मैं देखना दुःस्वप्न। उठना है सुब...
संसार चलाने में भगवान और तेरा सहयोग आधा-आधा है। संसार चलाने में भगवान और तेरा सहयोग आधा-आधा है।
जहन्नुम में झोककर, सब हो गए चुनाव,, तुम जीतकर वजीर, हम तस्वीर हो गए।। जहन्नुम में झोककर, सब हो गए चुनाव,, तुम जीतकर वजीर, हम तस्वीर हो गए।।
आज भी तेरी रूह में है बसा। तो रूह पर अपनी, ये किसका लिबास डाले रखा है तूने ? आज भी तेरी रूह में है बसा। तो रूह पर अपनी, ये किसका लिबास डाले रखा है तून...
हम भी तो इसी में रहते है, मानना चाहो तो मानो जबरदस्ती नहीं। हम भी तो इसी में रहते है, मानना चाहो तो मानो जबरदस्ती नहीं।
घर से बाहर जाने आने तक दुआओं का दौर मेरी माँ। घर से बाहर जाने आने तक दुआओं का दौर मेरी माँ।
हाँ वो जिंदगी माँ है जो ख़ुशी ही ख़ुशी देती हर -पल हर -पल। हाँ वो जिंदगी माँ है जो ख़ुशी ही ख़ुशी देती हर -पल हर -पल।
हर रोज मृत्यु की खबरों से थोड़ा मर रहे हैं हम। हर रोज मृत्यु की खबरों से थोड़ा मर रहे हैं हम।