Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

Jyoti Astunkar

Abstract Romance Classics


4.5  

Jyoti Astunkar

Abstract Romance Classics


वो सतरंगी पल

वो सतरंगी पल

1 min 290 1 min 290

दिल का आशियाना भी क्या चीज़ है,

पल में कोई है यहाँ, पल में कोई नहीं


याद ही तो वो महफ़िल है, 

जिसमे बस सुकून ही सुकून है, 


वो सुनहरे सतरंगी पल, 

जिनमें है उनके होने का एहसास, 


वो प्यारे से लम्हात, 

और उनकी मौजूदगी का एहसास, 


छोटी-छोटी सी वो हरकतें, 

जो आज बन गई हैं नैमतें, 


खुदा ने जाने कैसे ये पल दिए हैं, 

एक रहमत से जैसे हमें नवाज़ा है,  


बहोत खुशनसीब हैं हम, 

की उनसे हमारी मुलाकात हुई,


एक प्यारे से इंसान से, 

हमारी ज़िन्दगी भी आबाद हुई।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Jyoti Astunkar

Similar hindi poem from Abstract