STORYMIRROR

Durga Amlani

Tragedy

4  

Durga Amlani

Tragedy

वक्त लगेगा

वक्त लगेगा

1 min
4

अब तुमसे फिर से प्यार होने में वक्त लगेगा,,,,तुमने जो जख्म दिए है उनको भरने में अब वक्त लगेगा,,क्या सोचा था और ये क्या हो गया अब ये समझने में वक्त लगेगा,,,गहराई मेरे प्यार की तुम कहां समझे अब फिर से दिल में बसने में वक्त लगेगा,,,थी रंजिशें बहुत ही तुमको मुझसे फिर भी मुझसे जुदा होने में तुमको वक्त लगेगा,,तेरे शहर से जा रहे है इतना दूर की अब तुमको मुझे गली गली में खोजने में वक्त लगेगा,,, थी मुझको तो बस तुमसे ही मुहब्बत,,,मुझसे तुमको नफरत करने मे फिर भी वक्त लगेगा,,,,,अब तुमने मुझको खो तो दिया है,,अब तुमको मुझे पाने में वक्त लगेगा,,,मुझे रुलाकर खुद हस रहे हो,,अब मुझको फिर से मुस्कुराने में वक्त लगेगा ,,,मेरा जहां उजाड़ने वाले अब और क्या उजाड़ोगे ,,,मुझे फ़िर से नया आशियाना बनाने में वक्त लगेगा,,, मैं मर चुकी हु मुझे अब फिर से जिंदा होने में वक्त लगेगा,,, वक्त लगेगा.......दुर्गा अमलानी।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy